India

बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप

हालांकि, समय के साथ इस कीमती जमीन के कब्जे, मालिकाना हक और इसके वाणिज्यिक उपयोग को लेकर मुंबई नगर निगम और संबंधित निजी डेवलपर्स के बीच अदालती लड़ाई शुरू हो गई। इस कानूनी खींचतान के कारण परियोजना का काम ठप सा पड़ गया और आम जनता को मिलने वाली सुविधा में भारी विलंब हुआ। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्कों के साथ अदालतों का दरवाजा खटखटाया, जिससे यह मामला वर्षों तक लंबी कानूनी प्रक्रिया में उलझा रहा।

इस बीच, मामले की गंभीरता को देखते हुए अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने इस बहुचर्चित मामले में बेहद अहम निर्देश जारी किए। सर्वोच्च न्यायालय के इन निर्देशों ने इस विवाद को सुलझाने और अटके हुए बस डिपो के निर्माण कार्य को गति देने की दिशा में एक नई उम्मीद जगाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले और निर्देशों के बाद अब यह उम्मीद की जा रही है कि बीएमसी और प्रशासन जल्द ही जनता के हित में इस जमीन पर बस डिपो के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाएंगे, जिससे बोरीवली के निवासियों को बड़ी राहत मिल सकेगी और सार्वजनिक Read more...

1991 के कथित फर्जी एनकाउंटर में 12 रिटायर्ड पुलिसकर्मियों पर एफआईआर, सीबी-सीआईडी जांच में झूठे सबूतों का खुलासा

कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में 1991 के कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में 12 रिटायर्ड पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सीबी-सीआईडी की जांच में सामने आया कि एनकाउंटर की कहानी कथित तौर पर मनगढ़ंत थी और गिरफ्तार किए गए 12 लोगों के खिलाफ झूठे सबूत तैयार किए गए थे। इस मामले में उस समय के थाना प्रभारी विद्यासागर त्रिपाठी और जांच अधिकारी रमेश चंद्र भटोले समेत 18 पुलिसकर्मियों के नाम जांच में सामने आए हैं। इनमें से छह की मौत हो चुकी है।

करीब 35 साल बाद शनिवार को महाराजपुर थाने में सीबी-सीआईडी इंस्पेक्टर सुशील कुमार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों के खिलाफ सबूत गढ़ने, झूठे आरोप लगाने, गलत तरीके से हिरासत में रखने और चोट पहुंचाने समेत भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी (ईस्ट) सत्यजीत गुप्ता ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि सीबी-सीआईडी मामले की आगे जांच करेगी।

पुलिस ने दावा कि Read more...

केंद्र सरकार का कड़ा जवाब: एलन मस्क के आरोपों को बताया बेबुनियाद, भारत में तीन कंपनियों को मिला है लाइसेंस

भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस 'स्टारलिंक' (Starlink) के लॉन्चिंग में देरी को लेकर स्पेसएक्स (SpaceX) के सीईओ एलन मस्क द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर केंद्र सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। संचार मंत्रालय ने मस्क के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है कि भारत में स्टारलिंक को कुछ बड़े कारोबारी समूहों की ओर से रोका जा रहा है। सरकार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और गलत धारणा पर आधारित बताया है।

सरकार के जवाब के मुख्य बिंदु:

  • निष्पक्ष और भेदभावरहित व्यवस्था: मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन समेत सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए एक पारदर्शी, निष्पक्ष और भेदभावरहित ऑथराइजेशन फ्रेमवर्क लागू किया गया है।

  • तीन कंपनियों को मिला लाइसेंस: केंद्र सरकार के मुताबिक, इस निर्धारित व्यवस्था के तहत अब तक तीन प् Read more...

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. Kanpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.