कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के दादानगर औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में काम करने वाले युवक ने महिला सहकर्मी की जान बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। गुजैनी जे-ब्लॉक निवासी 26 वर्षीय देवेंद्र कुमार सोनी मंगलवार सुबह रोज की तरह फैक्ट्री पहुंचे थे। इसी दौरान फैक्ट्री में कार्यरत 18 वर्षीय अर्चना बिजली का स्विच ऑन करते समय करंट की चपेट में आ गई। उसकी चीख सुनकर देवेंद्र उसे बचाने के लिए दौड़े और धक्का देकर अलग कर दिया, लेकिन खुद करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गए।
फैक्ट्री कर्मचारियों ने दोनों को तत्काल हैलट अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने देवेंद्र को मृत घोषित कर दिया। अर्चना का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही देवेंद्र के परिजन अस्पताल पहुंच गए और फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिवार का कहना है कि फैक्ट्री में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।
पोस्टमार्टम के लिए शव भेजे जाने के बाद भी परिजनों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मृतक की मां, बहनों और भाई ने देवेंद्र का चेहरा देखने की मांग की। इसी दौरान वहां मौजूद फैक्ट्री प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों को देखकर मृतक का भाई अंकित भड़क गया और उनके पीछे दौड़ पड़ा। स्थिति बिगड़ते देख संबंधित लोग स्वरूपनगर थाने में जाकर छिप गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स बुला ली।
परिजनों ने शव को फैक्ट्री मालिक के घर ले जाने की भी कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान पुलिस और परिवार के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई। देर रात तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत कराया। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।