कानपुर न्यूज डेस्क: देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में गिने जाने वाले इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी कानपुर में आत्महत्या की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। शनिवार को 29 वर्षीय महिला जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने कल्याणपुर स्थित कैंपस में फंदा लगाकर जान दे दी। वह मूल रूप से झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र की निवासी थीं। सूचना मिलने पर एडीसीपी कपिल देव सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने उनके पिता राजनंदन रविदास को घटना की जानकारी दे दी है।
इससे पहले 20 जनवरी 2026 को 28 वर्षीय शोधार्थी रामस्वरूप ईशराम ने भी आत्महत्या की थी। वह डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ साइंस से पीएचडी कर रहे थे और जुलाई 2023 से संस्थान में अध्ययनरत थे। बताया गया कि उन्होंने कैंपस की न्यू एसबीआरए बिल्डिंग की छठी मंजिल से छलांग लगा दी थी। वे अपनी पत्नी और दो साल की बेटी के साथ परिसर में ही रह रहे थे।
29 दिसंबर 2025 को बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र जयसिंह मीणा ने भी आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने 2020 में बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में प्रवेश लिया था। बैकपेपर के कारण उनकी डिग्री पूरी नहीं हो सकी थी और प्लेसमेंट प्रक्रिया में भी वे शामिल नहीं हो पाए थे। बताया गया कि एक विषय में असफल रहने के चलते वे मानसिक दबाव में थे।
पिछले दो वर्षों में संस्थान में कई आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें शोधार्थी, छात्र और स्टाफ सदस्य शामिल रहे हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने परिसर में मानसिक स्वास्थ्य और काउंसलिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन और पुलिस सभी मामलों की जांच में जुटी है।