कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब दिल्ली से आई फ्लाइट के बाद अचानक मधुमक्खियां एयरपोर्ट परिसर में नजर आने लगीं। कुछ मधुमक्खियां विमान की सीढ़ियों तक पहुंच गईं, जिससे एयरपोर्ट स्टाफ अलर्ट हो गया। स्थिति को देखते हुए तुरंत लखनऊ से विशेषज्ञ टीम बुलाई गई और रनवे पर केमिकल का छिड़काव कराया गया। गौर करने वाली बात यह है कि करीब तीन महीने पहले इसी एयरपोर्ट पर दिल्ली जाने वाली फ्लाइट में चूहा घुसने की घटना भी सामने आई थी।
शुक्रवार को मधुमक्खियों की मौजूदगी सामने आने के बाद शनिवार को लखनऊ की टीम ने चकेरी हवाई अड्डे के रनवे और आसपास के इलाकों में केमिकल स्प्रे किया। इसके साथ ही रनवे के आसपास पक्षियों को रोकने के इंतजामों की भी जांच की गई। मौसम में बदलाव के कारण पक्षी और मधुमक्खियां अक्सर दिशा बदल लेती हैं, इसी वजह से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है और निगरानी के लिए अतिरिक्त स्टाफ भी तैनात किया गया है।
एयरपोर्ट से कुछ दूरी पर मौजूद पेड़ों पर मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए हैं। शुक्रवार को दिल्ली की फ्लाइट आने के बाद कुछ मधुमक्खियां विमान की सीढ़ियों तक उड़कर पहुंच गई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए शनिवार को बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई की फ्लाइट के आने-जाने से पहले और बाद में हर आधे घंटे में रनवे पर केमिकल छिड़काव कराया गया। यह काम लखनऊ की एक निजी कंपनी के जरिए किया गया।
हवाई अड्डा निदेशक प्रदीप यादव ने बताया कि शुक्रवार को कुछ मधुमक्खियां सीढ़ियों तक जरूर पहुंची थीं, लेकिन विमान के अंदर एक भी मधुमक्खी नहीं थी। पायलट ने भी पुष्टि की थी कि विमान सुरक्षित है, जिसके बाद फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई। उन्होंने साफ कहा कि अगर विमान के अंदर मधुमक्खी होती, तो उड़ान की अनुमति नहीं दी जाती। इससे पहले 21 सितंबर को दिल्ली जाने वाली इंडिगो फ्लाइट में चूहे के दिखने के बाद विमान को करीब तीन घंटे तक ग्राउंड पर रोके रखना पड़ा था, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई थी।