कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में अवनीश दीक्षित के साथी चर्चित जुआरी और सट्टेबाज मासूम अली के साथियों की गिरफ्तारी की योजना की सूचना लीक करने के आरोप में जेके मंदिर चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। एडीसीपी सेंट्रल की जांच रिपोर्ट पर आधारित इस कार्रवाई के साथ ही विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। कर्नलगंज पुलिस ने हाल ही में बंद पड़े उबैद स्कूल से मासूम अली को पकड़ा था।
इस दौरान आरोपी के साथी, शफीक उर्फ जैन सहित, फरार हो गए थे। मासूम अली की डायरी में विकास अवस्थी, राजा अहिरवार, लकी ठाकुर, और शनि जायसवाल के नाम मिले, और विकास अवस्थी को हर महीने 20 हजार रुपये देने की जानकारी भी थी। ये लोग अवनीश के करीबी बताये जाते हैं। शनिवार को कर्नलगंज पुलिस को शफीक उर्फ जैन के बारे में सूचना मिली, और थाना प्रभारी रवींद्र श्रीवास्तव ने उसे पकड़ने के लिए अपनी टीम के साथ छापेमारी की।
जैन के ठिकाने के करीब, आर्यनगर में, नजीराबाद थाने की जेके मंदिर चौकी प्रभारी राजन मौर्या ने दबिश टीम में शामिल एक दरोगा को फोन करके बताया कि पुलिस कमिश्नर आ रहे हैं। इस सूचना के कारण आरोपी को समय से पहले पता चल गया और दबिश टीम को पांच से सात मिनट की देरी हो गई, जिसके चलते जैन और उसके साथी भाग गए। इस मामले की जांच पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने एडीसीपी सेंट्रल महेश कुमार को सौंप दी है।
एडीसीपी ने चौकी प्रभारी को एसीपी कर्नलगंज कार्यालय में बुलाया, जहां पूछताछ के दौरान उन्होंने तीन बार अपना बयान बदला। इस कारण चौकी प्रभारी को मुखबिरी का दोषी माना गया। एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था हरीश चंदर ने बताया कि एडीसीपी सेंट्रल की जांच रिपोर्ट के आधार पर चौकी प्रभारी राजन मौर्या को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है।