कानपुर न्यूज डेस्क: मैनावती मार्ग, जिसे लोग जिले की सबसे दिक्कतभरी सड़कों में गिनते थे, अब जल्द ही अपनी पहचान बदलने वाला है। जिस रास्ते पर थोड़ा चलते ही गाड़ियाँ हिलने लगती थीं और लोग परेशान होकर लौट आते थे, वही सड़क अब चौड़ी और बिल्कुल स्मूथ बनने की तैयारी में है। केडीए ने तय किया है कि इस मार्ग के चौड़ीकरण पर पूरे 30 करोड़ रुपये लगाए जाएंगे। साढ़े पाँच किलोमीटर लंबे इस रूट का पूरा प्लान बनाया जा चुका है और अफसर कह रहे हैं कि एक हफ्ते के भीतर मशीनें काम पर लग जाएँगी।
नवाबगंज चिड़ियाघर से सिंहपुर होते हुए बिठूर जाने वाली इस सड़क की बदहाली पिछले कई महीनों से लोगों की बड़ी शिकायत थी। जगह-जगह इतने गहरे गड्ढे बन गए थे कि गाड़ी चलाते-चलाते लोग खुद ही स्पीड कम कर लेते थे। कई बार तो लोग मजबूर होकर दूसरे रास्ते से निकल जाते थे। लोगों का कहना था कि इस रास्ते पर चलना—मानो गड्ढों की यात्रा ही हो। अब यह पूरा ट्रैक दोबारा तैयार किया जाएगा। जागेश्वर मंदिर के पास सड़क की चौड़ाई 10 मीटर होगी और सिंहपुर के पास इसे 24 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, जिससे सड़क का पूरा लुक और स्ट्रक्चर बदल जाएगा।
सड़क चौड़ी होते ही सिर्फ बिठूर तक पहुँचना आसान नहीं होगा बल्कि उन्नाव और हरदोई जाने वाले लोग भी राहत महसूस करेंगे। अभी इन जिलों तक पहुँचने के लिए गंगा बैराज या जीटी रोड जैसे लंबे चक्करों से जाना पड़ता है, लेकिन नया चौड़ा रास्ता तैयार होने पर सीधा, छोटा और तेज रूट मिल जाएगा। इससे ट्रैफिक कम होगा, समय बचेगा और गाड़ियाँ बिना रुकावट आराम से चल सकेंगी। केडीए का मानना है कि प्रोजेक्ट पूरा होते ही इस हिस्से का ट्रैफिक काफी हल्का हो जाएगा।
इस सड़क को सुधारने की एक बड़ी वजह यह भी है कि इसी रूट पर केडीए का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट—न्यू कानपुर सिटी बन रहा है, जहाँ आने वाले वक्त में करीब 10 लाख लोग बसेंगे। इतनी बड़ी आबादी को देखते हुए इस पूरे इलाके को मजबूत और चौड़ी सड़क की जरूरत है। नई सड़क बनने से यहाँ रहने वाले लोगों की आवाजाही आसान होगी और इलाके के विकास को भी नई गति मिलेगी।
केडीए सचिव अभय पांडेय ने बताया कि मैनावती मार्ग के चौड़ीकरण की पूरी ब्लूप्रिंट तैयार है और एक हफ्ते के अंदर इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। सड़क के दुरुस्त होने के बाद स्थानीय लोगों को रोज़मर्रा की परेशानी से छुटकारा मिलेगा और बिठूर से लेकर उन्नाव-हरदोई तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक हो जाएगा। यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में पूरे उत्तर कानपुर क्षेत्र के विकास का आधार बनने जा रहा है।