कानपुर न्यूज डेस्क: महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर निगम की कार्यकारिणी में आदेश दिए हैं कि 1 लाख रुपये से ऊपर के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग के जरिये पूरा किया जाएगा।
महापौर प्रमिला पांडेय ने रिंग रोड पर नगर निगम की चकेरी और कुलगांव की जमीन के मामले में आदेश दिया है कि डीएम सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय किया जाए। इसकी जांच कराकर अगली कार्यकारिणी बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। इसके अलावा, स्मार्ट सिटी मुख्यालय, मोतीझील से किराया लेने का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक सुबह 11:45 बजे शुरू हुई। इस बैठक में पहले उपसभापति का चुनाव किया गया। 12 सदस्यीय कार्यकारिणी में 10 भाजपा और 2 सपा के सदस्य हैं। भाजपा के पार्षद यशपाल सिंह को उपसभापति चुना गया। बाद में पार्षदों ने बंद लाइटों और टूटी सड़कों की समस्या उठाई, जिस पर अफसरों ने अवस्थापना से लाइटें खरीदने का प्रस्ताव रखा।
महापौर ने कहा कि नगर निगम की निधि से लाइटें खरीदी जाएं और इसका प्रस्ताव जल्दी तैयार कर प्रस्तुत किया जाए। अब एक लाख रुपये से ऊपर के विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग की जाएगी। पहले दस लाख रुपये तक के काम मैन्युअल टेंडर से होते थे, जिससे अधिकारी और पार्षद अपनी पसंद के ठेकेदार को टेंडर दे देते थे। अब ऐसा नहीं होगा।
महापौर ने कन्वेंशन सेंटर चुन्नीगंज के कार्यों की जांच, रख-रखाव और संचालन के लिए अफसरों की एक कमेटी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने पद्मश्री गिरिराज किशोर के नाम पर सूटरगंज की सड़क, स्वर्गीय सुनील ब्रम्हचारी के नाम पर बर्रा गांव मोड़ से गुलाब गार्डेन तक की सड़क, पूर्व पार्षद अनूप शुक्ला के नाम पर बसंत विहार नौबस्ता स्थित पार्क, और साई टेऊराम के नाम पर कोका कोला चौराहे का नामकरण करने की घोषणा की।