कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में प्रस्तावित नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (NCoE) का उद्देश्य भारत में एरोनॉटिक्स और डिफेंस सेक्टर में कौशल क्षमता को मजबूत करना है। इसे नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (NSTI), कानपुर में स्थापित किया जाएगा और इसके लिए फ्रांसीसी सरकार के साथ सहयोग किया जाएगा। यह केंद्र प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार सृजन योजना (PM-SETU) के तहत काम करेगा, जिसका उद्देश्य देश भर के आईटीआई को आधुनिक बनाने और वैश्विक स्तर के कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देना है।
इस केंद्र में उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिसमें विमानन, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहाल, एयरपोर्ट ऑपरेशन, रक्षा उत्पादन और इससे जुड़े अन्य क्षेत्र शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि यह केंद्र न केवल भारत में विमानन कौशल की क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि देश के बढ़ते एयरोस्पेस और डिफेंस इकोसिस्टम को भी मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने भी इस पहल को वैश्विक मानकों के अनुरूप युवा पेशेवर तैयार करने वाला कदम बताया।
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि यह पहल भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को भी गहरा करेगी। इसके तहत सह-निर्मित पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम, भाषा प्रशिक्षण, अनुभव साझा करने की योजनाएं और एयरोनॉटिक्स, अंतरिक्ष और रक्षा संबंधित क्षेत्रों में सहयोग शामिल होगा। इसके लिए मंत्रालय और फ्रांसीसी सरकार के बीच लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) का आदान-प्रदान भी किया गया है।
PM-SETU योजना के तहत 60,000 करोड़ रुपये की कुल योजना के तहत देशभर में 1,000 आईटीआई को अपग्रेड किया जाएगा। कानपुर के एरोनॉटिक्स केंद्र के अलावा लुधियाना, हैदराबाद, चेन्नई और भुवनेश्वर में भी क्षेत्रीय औद्योगिक ताकत के अनुरूप अन्य NCoE स्थापित किए जाएंगे, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, नई तकनीक और उच्च-विकास सेवा क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।