कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र के गौरिया गांव में एक मासूम बच्चे की जघन्य हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव और शोक का माहौल है। लखनऊ स्थित एक गुरुकुल में बच्चे की हत्या कर शव को गांव के बाहर फेंक दिया गया था। बृहस्पतिवार को जब बच्चे का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुँचा, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया।
परिजनों की प्रमुख मांगें:
पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने न्याय और सहायता के लिए निम्नलिखित शर्तें रखी हैं:
कठोर सजा: हत्या में शामिल सभी आरोपियों को चिह्नित कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
आर्थिक सहायता: परिवार की खराब माली हालत को देखते हुए मृत बच्चे की बहन के लिए सरकारी नौकरी और विवाह का प्रबंध किया जाए।
आवास: वृद्ध पिता के रहने के लिए सरकारी आवास (घर) की व्यवस्था की जाए।
सियासी प्रतिक्रियाएं:
सतीश महाना (विधानसभा अध्यक्ष): गांव पहुँचे सतीश महाना ने इस घटना को अत्यंत 'जघन्य' बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा क्रूर मामला पहले कभी नहीं देखा। उन्होंने उपजिलाधिकारी (SDM) नरवल को निर्देश दिए कि परिवार को आवास और राजस्व विभाग के माध्यम से हर संभव आर्थिक मदद तुरंत मुहैया कराई जाए।
संदीप शुक्ला (कांग्रेस जिलाध्यक्ष): कांग्रेस नेता ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'बाबा का बुलडोजर' अब पंचर हो चुका है। उन्होंने मांग की कि आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले।
सुरक्षा व्यवस्था:
गांव में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि बच्चे का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।