कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में भीषण गर्मी और 44 डिग्री पारे के बीच जनता रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत और अव्यवस्था से जूझ रही है। जेके मंदिर के पास स्थित भगवतदास इंडेन गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। महीनों से सिलेंडर के लिए चक्कर काट रहे लोगों ने एजेंसी संचालक पर अवैध वसूली और कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अव्यवस्था और लंबी कतारें:
भीषण धूप में सुबह 8 बजे से ही लोग लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि यहाँ का सिस्टम बेहद जटिल और कष्टकारी है। पहले KYC, फिर DAC नंबर और उसके बाद पर्ची के लिए अलग-अलग कतारों में लगना पड़ता है। आरोप है कि अन्य एजेंसियों पर जहाँ गाड़ी सुबह पहुँच जाती है, वहीं यहाँ शाम को आती है, जिससे पूरा दिन बर्बाद हो जाता है।
अवैध वसूली और कालाबाजारी के आरोप:
अवैध शुल्क: उपभोक्ताओं का आरोप है कि KYC और अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर 200-200 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है, जबकि यह सेवा निःशुल्क होनी चाहिए।
रसूखदारों को प्राथमिकता: आरोप है कि आम जनता धूप में खड़ी रहती है और रसूखदार लोगों के घरों पर सिलेंडर पहुँचा दिए जाते हैं।
कालाबाजारी: लोगों का दावा है कि गैस की कालाबाजारी हो रही है और एक-एक सिलेंडर 2600 से 2800 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
परेशान उपभोक्ता और अभद्रता:
ग्वालटोली के अंजुम अंसार और अयूब खान जैसे कई उपभोक्ता पिछले 25-30 दिनों से भटक रहे हैं। ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। महिलाओं का आरोप है कि एजेंसी का स्टाफ उनके साथ अभद्र व्यवहार करता है और सही जानकारी देने के बजाय इधर-उधर भटकाता है। कई महिलाएं अपने छोटे बच्चों को घर छोड़कर घंटों लाइन में खड़ी हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
इस संकट ने शहर के मध्यम और गरीब परिवारों की रसोई का बजट और सुकून दोनों बिगाड़ दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई की मांग की है।