कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के वाजिदपुर गांव में बुधवार रात 26 वर्षीय गिरिजा शंकर निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। रात करीब 10:30 बजे वह खाना खाने के बाद घर के बाहर खड़े थे, तभी चार हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। गोली उनके सीने और बाएं हाथ में लगी। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हत्या के पीछे पंचायत चुनाव के समय से चली आ रही पुरानी रंजिश बताई जा रही है। दोनों परिवारों के बीच गंगा किनारे की जमीन को लेकर भी विवाद है। आरोप है कि बुधवार शाम करीब 4 बजे गिरिजा शंकर के बड़े भाई रामनरेश पर भी कुलदीप निषाद और उसके साथियों ने लाठी-डंडों से हमला किया था। सिर में चोट लगने के बाद रामनरेश ने थाने में शिकायत की थी। इसके करीब छह घंटे बाद गिरिजा शंकर की हत्या कर दी गई।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कुलदीप निषाद, उसके पिता रामऔतार निषाद, सुरेंद्र निषाद और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी अंकित कुमार अस्पताल पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर घटनास्थल से सबूत भी जुटाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच साल 2022 के पंचायत चुनाव के बाद से तनाव चल रहा था। उस दौरान भी मारपीट हुई थी और गिरिजा शंकर के हाथ में चोट लगी थी। पुलिस अब पुराने विवाद, बुधवार को हुए भाई पर हमले और हत्या की पूरी कड़ी की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।