कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर पुलिस ने आईपीएल (IPL) सीजन के दौरान अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान ₹3.91 करोड़ की भारी-भरकम नकदी बरामद की है और इस गिरोह से जुड़े पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन और गिरफ्तारी का विवरण:
शुरुआत: पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के अनुसार, मंगलवार रात गोविंदपुरी पुल के पास एक संदिग्ध वाहन को रोका गया, जिसमें दो युवक मोबाइल ऐप के जरिए सट्टा लगाते पकड़े गए।
छापेमारी: इन दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस किदवई नगर स्थित एक किराए के मकान में पहुँची, जहाँ तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी: मौके से ₹3.91 करोड़ नकद, तीन नोट गिनने की मशीनें, एक करेंसी वेरिफिकेशन मशीन और सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन जब्त किए गए।
कैसे चलता था नेटवर्क?
यह गिरोह Bethub24.com नामक अवैध पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए काम कर रहा था। आरोपियों ने "मास्टर आईडी" और "सब-आईडी" का एक जटिल सिस्टम बनाया था। पुलिस के अनुसार, ₹1 लाख तक की जीत का भुगतान डिजिटल तरीके से किया जाता था, जबकि इससे बड़ी रकम का लेन-देन नकद (Cash) में होता था।
आरोपियों की पहचान:
कार्तिक लखवानी और राजकुमार: ये मुख्य रूप से सट्टेबाजी का संचालन और आईडी मैनेजमेंट देखते थे।
कल्पेश, रवि नाई और विष्णु: ये तीनों गुजरात के रहने वाले हैं और इन्हें ₹13,000 से ₹20,000 के मासिक वेतन पर नकदी के प्रबंधन और लाने-ले जाने (Logistics) के लिए रखा गया था।
मास्टरमाइंड अभी भी फरार:
पुलिस ने बताया कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड मनीष उर्फ 'प्रोफेसर' है, जो वर्तमान में फरार है। उसकी आखिरी लोकेशन पुणे में मिली थी, और उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।