कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के इटावा में 55 साल के सुरक्षा गार्ड श्याम सुंदर कठेरिया की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बेटी पूजा और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने हत्या के बाद शव को एक बक्से में बंद कर दिया था। शव को पॉलीथिन में लपेटकर उसके ऊपर तीन कंबल रखे गए थे। मामला तब सामने आया, जब रविवार को कमरे से तेज बदबू आने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी।
बक्से में मिला सड़ी-गली हालत में शव
पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 3 बजे टीबी अस्पताल कॉलोनी के ब्लॉक-14 की पहली मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 216 से बदबू आने की शिकायत मिली थी। यह कमरा कांशीराम कॉलोनी में था और उस पर ताला लगा हुआ था। सूचना मिलने के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे में एक बक्से के भीतर श्याम सुंदर का शव मिला, जो कई दिन पुराना था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पूजा के लापता होने के बाद पुलिस को उस पर शक हुआ। इसके बाद पूजा और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया गया।
रिश्ते का विरोध करते थे पिता
एसएसपी के मुताबिक, श्याम सुंदर अपनी बेटी पूजा के प्रेम संबंध से खुश नहीं थे और इसका विरोध करते थे। वह शुभम होटल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करते थे। एसपी सिटी बबीता सिंह ने बताया कि पुलिस और फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से सबूत जुटा रही हैं। शुरुआती जांच में आशंका है कि हत्या के बाद शव को बक्से में छिपाया गया था। मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
पांच दिन पहले हुई थी आखिरी बार बात
श्याम सुंदर की बड़ी बेटी काजल औरैया जिले के भीखनपुर में रहती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पिता से आखिरी बार करीब पांच दिन पहले बात हुई थी। शुक्रवार और रविवार को जब उन्होंने फोन किया तो मोबाइल बंद मिला। बाद में पड़ोसियों ने उन्हें शव मिलने की जानकारी दी। काजल ने पूजा की भूमिका पर शक जताते हुए आरोप लगाया कि वह शादी से पहले से ही एक युवक से बात करती थी।
मां करीब 10 साल से अलग रह रही थीं
परिवार के मुताबिक, श्याम सुंदर की पत्नी शशि देवी दूसरी शादी के बाद करीब 10 साल से उनसे अलग रह रही थीं। श्याम सुंदर की तीन बेटियां थीं—काजल, पूजा और खुशी। खुशी अपनी मां के साथ रहती है। फिलहाल पुलिस हत्या के पीछे की वजह और मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।