कानपुर न्यूज डेस्क: करीब तीन हफ्ते तक शालू का परिवार यही मानता रहा कि उसे उसके ससुर विनीत मीनोचा की हत्या के मामले में गलत तरीके से फंसाया गया है। परिवार ने कानपुर पुलिस से लगातार निष्पक्ष जांच की मांग की और कई बार शालू के पति सुब्रत से बात करने की कोशिश भी की। लेकिन गुरुवार को जब सुब्रत की गिरफ्तारी की खबर सामने आई तो परिवार के लिए यह बड़ा झटका था।
शालू के बड़े भाई और लखनऊ में रहने वाले कारोबारी धीरज अरोड़ा ने कहा कि उन्हें हमेशा भरोसा था कि शालू इस मामले में निर्दोष है, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सुब्रत भी इस वारदात में शामिल हो सकता है। उनके मुताबिक, परिवार ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग इसलिए की थी क्योंकि उन्हें लगता था कि शालू पर लगाए गए आरोप सही नहीं हैं।
अब पुलिस की कार्रवाई के बाद परिवार को पता चला कि जांच में सुब्रत पर ही हत्या की साजिश रचने का आरोप सामने आया है। धीरज ने कहा कि उन्हें इस बात की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि जिस व्यक्ति से वे लगातार संपर्क करने की कोशिश कर रहे थे, उसी पर हत्या की योजना बनाने का आरोप लगेगा।
परिवार के लिए यह पूरा मामला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि इतने दिनों तक उनका ध्यान शालू को आरोपों से बचाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने पर था। अब सुब्रत की गिरफ्तारी के बाद केस की जांच ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस हत्या की कथित साजिश में उसकी भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई कर रही है।