कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर में 250 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड और फर्जी जीएसटी क्लेम मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। शनिवार को पुलिस ने इस अंतरराज्यीय गिरोह के 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी और आगरा के स्क्रैप कारोबारी अंचित गोयल को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने ठगी और जालसाजी की रकम का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाली 'जेनिफर फ्लोरेंस' नाम की महिला के खाते में ट्रांसफर किया था।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध और पुलिस कार्रवाई के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
250 करोड़ का फ्रॉड और 10वीं गिरफ्तारी: ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) डॉ. विपिन ताडा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अप्रैल में बर्रा पुलिस ने 125 करोड़ के साइबर फ्रॉड मामले में 4 बैंक कर्मियों को गिरफ्तार किया था। हाल ही में मुख्य आरोपियों (राजवीर सिंह और शिवम सिन्हा) की गिरफ्तारी के बाद फ्रॉड का आंकड़ा बढ़कर 250 करोड़ रुपये पहुंच गया। इस मामले में अब तक अंचित गोयल समेत कुल 10 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
3 फर्जी फर्मों से 53 करोड़ का फर्जी लेन-देन: अंचित के पास से राजाराम ट्रेडर्स, श्रीश्याम और राधा ट्रेडर्स नाम की तीन शेल/फर्जी फर्मों का पता चला है। इन खातों में जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच करीब 53 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड और फर्जी जीएसटी क्लेम का ट्रांजैक्शन हुआ था। यह गिरोह यूपी, राजस्थान, एमपी और दिल्ली के स्क्रैप कारोबारियों के जरिए फर्जी बिलिंग का खेल चलाता था।
BSF जवान की बेटी के खाते में 45 करोड़: जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी अंचित ने गाजियाबाद निवासी एक बीएसएफ (BSF) जवान की बेटी के बैंक खाते में पिछले एक साल में करीब 45 करोड़ रुपये का लेन-देन (ट्रांजैक्शन) किया था। 'प्रतिबिंब' पोर्टल पर जांच करने पर बिहार (मोतिहारी), तेलंगाना (करनूल) और महाराष्ट्र (गोरेगांव) में इस नेटवर्क से जुड़ी साइबर अपराध की शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।
कैलिफोर्निया कनेक्शन और सबूत मिटाने की कोशिश: गिरफ्तारी से बचने के लिए अंचित ने अपने मोबाइल फोन का पूरा डाटा डिलीट कर दिया था। हालांकि, बैंक अकाउंट डिटेल्स खंगालने पर कैलिफोर्निया की जेनिफर फ्लोरेंस के खाते में रकम भेजे जाने का सुराग मिला है। पुलिस अब इस इंटरनेशनल बैंक ट्रांसफर की कड़ियों और खातों की विस्तृत जांच में जुटी है।