कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में बेटे की चाहत में बिजली विभाग के एक इंजीनियर पर सरकारी नर्स को 5 लाख रुपये देने का आरोप लगा है। इंजीनियर पर आरोप है कि उसने नर्स से नवजात बच्चे का इंतजाम करने को कहा था। पुलिस जांच में यह मामला करीब दो महीने पहले नवजात को चोरी करने की कोशिश में गिरफ्तार हुई एएनएम से जुड़ा मिला है।
आरोपी इंजीनियर की पहचान 40 वर्षीय राम कुमार वर्मा के रूप में हुई है। वह पिछले छह महीने से हमीरपुर के मौदहा स्थित बिजली उपकेंद्र में एसडीओ के पद पर तैनात था। पुलिस के मुताबिक, राम कुमार की दो बेटियां हैं, जिनकी उम्र 8 और 11 साल है।
फोन रिकॉर्ड से सामने आया कनेक्शन
घाटमपुर पुलिस को इस मामले में एएनएम गीता देवी के मोबाइल की जांच के दौरान अहम सुराग मिला। कॉल डिटेल से पता चला कि नवजात को ले जाने की कोशिश से पहले गीता की राम कुमार से लगातार बातचीत हो रही थी।
पुलिस ने राम कुमार के मोबाइल की लोकेशन भी जांची। उसकी लोकेशन उस समय घाटमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास मिली, जब अस्पताल के कर्मचारियों ने गीता को नवजात को लेकर बाहर निकलते हुए पकड़ लिया था।
इसके बाद पुलिस ने जेल में बंद गीता से दोबारा पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर राम कुमार का नाम लिया और बताया कि उसने बच्चे का इंतजाम करने के बदले उसे 5 लाख रुपये देने का वादा किया था।
नवजात को लेकर भागने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 10 मई की रात करीब 9 बजे गीता घाटमपुर सीएचसी से एक नवजात बच्चे को लेकर बाहर निकलने की कोशिश कर रही थी। अस्पताल के कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने उसे पकड़ लिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और गीता को हिरासत में ले लिया। उसके खिलाफ घाटमपुर थाने में अपहरण, मानव तस्करी और आपराधिक साजिश समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुरुआत में गीता ने पुलिस को यह नहीं बताया था कि नवजात को ले जाने के पीछे किसी और का हाथ है। उसने दावा किया था कि उसने यह कदम खुद उठाया था।
पूछताछ में इंजीनियर तक पहुंची पुलिस
पुलिस ने जब गीता के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले तो राम कुमार के साथ उसकी लगातार बातचीत सामने आई। इसके बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं और राम कुमार की लोकेशन की भी जांच की।
घाटमपुर थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया के मुताबिक, पूछताछ के दौरान राम कुमार ने कथित तौर पर अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नवजात को चोरी करने की इस कथित साजिश में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या नहीं और बच्चे को हासिल करने के बाद उसे कहां ले जाने की योजना थी।