कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के शिवराजपुर में पुलिस ने लगभग 25 दिन पहले रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात शव की गुत्थी को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। इस मामले में पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मामूली विवाद के चलते अपने ही साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोपियों ने इस जघन्य अपराध को हादसे का रूप देने के लिए मृतक के शव को रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था, ताकि पुलिस इसे ट्रेन दुर्घटना समझकर मामला रफा-दफा कर दे।
यह मामला 5 अप्रैल का है, जब शिवराजपुर थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर एक अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ था। उस समय शव की पहचान न हो पाने के कारण पुलिस के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि मौत किसी दुर्घटना से नहीं बल्कि हत्या से हुई है, जिसके बाद 15 अप्रैल को अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। लंबी मशक्कत के बाद 25 अप्रैल को पुलिस ने मृतक की पहचान हरदोई जिले के निवासी 28 वर्षीय बृजेश कुमार के रूप में की।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी मोहित गुप्ता, सचिन राठौर और आशीष राठौर उर्फ पुती, मृतक बृजेश के साथ ही गुरुदेव चौराहा स्थित एक देसी शराब के ठेके पर काम करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि 4 अप्रैल को बृजेश ने ठेके से कुछ पैसे और मोहित का चार्जर ले लिया था। इसी मामूली बात पर हुई बहस के बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर बृजेश को डंडों और बेल्ट से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
हत्या को अंजाम देने के बाद, तीनों आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नियत से शव को मोटरसाइकिल पर लादकर शिवराजपुर के रेलवे ट्रैक तक पहुंचाया और उसे वहां फेंक दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए डंडे, बेल्ट और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। पुलिस अब इन तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ा रही है, जिससे उन्हें कड़ी सजा मिल सके।