कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत विनोचा की हत्या के मामले में पुलिस ने सोमवार को उनकी 30 वर्षीय बहू शालू विनोचा को हिरासत में लिया है। विनीत का शव 5 सितंबर को कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के फ्लैट में मिला था। पुलिस के मुताबिक, उनके शरीर पर 26 से ज्यादा बार चाकू से वार किए गए थे। जांच में बहू की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं और पुलिस उसके बयान की कॉल डिटेल रिकॉर्ड समेत दूसरे सबूतों से जांच कर रही है।
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम अबीदी के मुताबिक, परिवार के घरेलू कर्मचारी 30 वर्षीय विशाल गौतम और उसके कथित साथी 30 वर्षीय राज किशोर ने पूछताछ में दावा किया कि उन्होंने शालू के कहने पर कारोबारी की हत्या की। दोनों को रविवार देर रात पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी थी। हालांकि, अधिकारी ने साफ किया कि अभी शालू की हत्या में भूमिका पूरी तरह साबित नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
पुलिस के मुताबिक, शालू ने पूछताछ में आरोप लगाया कि परिवार के पैसों पर उसके ससुर का पूरा नियंत्रण था। उसका और उसके पति का भी आर्थिक मामलों में ज्यादा दखल नहीं था और कर्मचारियों की तरह उन्हें हर महीने एक तय रकम दी जाती थी। अतिरिक्त पैसे की जरूरत होने पर उन्हें ससुर से मांगना पड़ता था। पुलिस इस दावे और हत्या के पीछे बताए जा रहे आर्थिक विवाद की भी जांच कर रही है। बताया गया कि परिवार बिरहाना रोड पर फार्मा ट्रेडर्स नाम से थोक दवा का कारोबार चलाता है, जिसका सालाना कारोबार 40 करोड़ रुपये से ज्यादा बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, 5 और 6 सितंबर की दरमियानी रात करीब 10:30 बजे से सुबह 3 बजे के बीच विनीत की हत्या हुई। उस समय उनका बेटा, बहू और पोता एक पार्टी में गए हुए थे। लौटने पर परिवार ने फ्लैट का मुख्य दरवाजा खुला पाया और एक कमरे में विनीत का शव पड़ा था। सीसीटीवी फुटेज में विशाल को एक अन्य व्यक्ति के साथ फ्लैट में जाते और बाद में बाहर निकलते देखा गया। अपार्टमेंट के सुरक्षा प्रभारी मदन ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने दोनों को अंदर जाने से रोका था, लेकिन विशाल ने शालू से फोन पर बात कराई। आरोप है कि शालू ने उन्हें दवा लेकर आए लोग बताते हुए अंदर जाने देने को कहा। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही है।