कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में 63 वर्षीय फार्मा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या की जांच में पुलिस अब प्रॉपर्टी और 2022 में बनाई गई उनकी वसीयत के एंगल को भी खंगाल रही है। इस वसीयत में उनकी पत्नी पुनीता, बेटे सुब्रत और बेटी शुभानी को संपत्ति में हिस्सेदार बनाया गया था, जबकि बहू शालू को इसमें शामिल नहीं किया गया था। शालू इस मामले में जांच के दायरे में है। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के मुताबिक, जांच में कानपुर और गाजियाबाद में कई संपत्तियों का पता चला है, जिनमें बिरहाना रोड के फ्लैट और कैनाल रोड की प्रॉपर्टी शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संपत्ति के बंटवारे का हत्या से कोई संबंध था या नहीं।
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि विनीत के बेटे सुब्रत पर कर्ज था। इसमें ऑनलाइन क्रेडिट और दूसरी देनदारियां शामिल हैं। इसी बीच सोमवार को पुलिस ने कोर्ट की अनुमति लेकर जेल में बंद शालू और पूर्व नौकर विशाल गौतम के बयान दर्ज किए। शालू ने हत्या में शामिल होने से इनकार किया और कई सवालों पर चुप रही, जबकि विशाल ने फिर से पुलिस के सामने दावा किया कि उसने शालू के कहने पर हत्या को अंजाम दिया था। जांच अधिकारी और कल्याणपुर थाना प्रभारी केशव तिवारी ने दोनों से पूछताछ की। अब पुलिस दोनों की कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि सुब्रत के सामने बैठाकर भी पूछताछ की जा सके।
जांच में पुलिस ने सात मोबाइल नंबरों के करीब 1000 पन्नों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड जुटाए हैं। इनमें दो नंबर विशाल, तीन सुब्रत और दो शालू के बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत और विशाल के बीच 300 से ज्यादा बातचीत हुई, जो बाकी नंबरों की तुलना में सबसे ज्यादा है। इन कॉल रिकॉर्ड को 1 मई से हत्या की रात तक खंगाला जा रहा है। पुलिस कॉल की टाइमिंग, अवधि और जिन लोगों से बातचीत हुई, उनके बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले 3 सितंबर को नया सिम लिया था और उसी दिन पुराने नंबर का इस्तेमाल बंद कर दिया था। इसके बाद उसने शालू और सुब्रत दोनों को कॉल किए। पुलिस अब इन कॉल्स को कथित साजिश के एंगल से देख रही है। विशाल ने पहले पुलिस को बताया था कि शालू ने उसे पकड़े जाने की स्थिति में सुब्रत का नाम लेने के लिए कहा था।
मामले में शालू के वकील शिवकांत दीक्षित ने जब्त किए गए मोबाइल फोन की जांच और उसके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि 6 सितंबर को सुबह 10.03 बजे शालू के इंस्टाग्राम अकाउंट पर गतिविधि दर्ज हुई थी और उन्होंने इसकी जांच की मांग की है। वकील ने हत्या वाली रात सुब्रत के कथित तौर पर बैंक जाने पर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, पुलिस हत्या के बाद विशाल और उसके साथी राजकिशोर की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। आरोप है कि दोनों इंदिरा नगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट से दीवार फांदकर निकले और बाद में टैक्सी बुक की। दोनों ने एक दोस्त को पांच बार फोन भी किया था। पुलिस अब उस दोस्त के बारे में जानकारी जुटा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि विशाल ने उसे हत्या के बारे में कुछ बताया था या उससे किसी तरह की मदद मांगी थी।