कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित केशवपुरम में पुलिस ने देह व्यापार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किराए के मकान में छापा मारकर चार महिलाओं समेत सात लोगों को हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद एक महिला सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीन महिलाओं को गवाह बनाकर छोड़ दिया गया।
जानकारी के मुताबिक, इलाके के लोग काफी समय से मकान में चल रही संदिग्ध गतिविधियों से परेशान थे। रविवार को मोहल्ले वालों ने मकान को बाहर से बंद कर डायल 112 पर सूचना दी। पुलिस पहुंची तो अंदर मौजूद लोग घबरा गए और कुछ महिलाएं व पुरुष छत के रास्ते भागने की कोशिश करने लगे। सूचना मिलते ही आशुतोष कुमार और थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से सभी को बाहर निकाला गया।
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शरीफ उर्फ दिनेश अग्निहोत्री, उसकी पत्नी सुनीता अग्निहोत्री, मोहित यादव और राजू नागर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना शरीफ उर्फ दिनेश करीब 35 दिन पहले ही मकान किराए पर लेकर यहां रहने आया था। आरोप है कि दंपती जरूरतमंद युवतियों को पैसों का लालच देकर देह व्यापार में धकेलते थे और इससे पहले भी कई जगह इस तरह का धंधा चला चुके हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि सुनीता के पहले पति की मौत के बाद उसकी नजदीकियां शरीफ से बढ़ीं और बाद में दोनों साथ रहने लगे। पुलिस को शक है कि आरोपी ने अपना नाम बदलकर दिनेश अग्निहोत्री रखा और कथित रूप से धर्म परिवर्तन भी किया। हालांकि पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
मकान मालिक की भूमिका भी पुलिस के शक के दायरे में है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मकान पर पहले भी छापा पड़ा था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई थी। वहीं, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मोहल्ले के एक व्यक्ति ने विजय नगर निवासी एक मछली विक्रेता को मकान में आते-जाते पहचान लिया और लोगों को इकट्ठा कर पुलिस को सूचना दी।
उत्तर प्रदेश पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।