कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के गुजैनी और रावतपुर इलाके में मतांतरण को लेकर दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। गुजैनी की कच्ची बस्ती में रहने वाले परिवार ने आरोप लगाया कि मतांतरण से मना करने पर उनके साथ मारपीट की गई। वहीं रावतपुर की एक बीबीए छात्रा ने आरोप लगाया कि दोस्ती की आड़ में पहले उसकी बुर्के में तस्वीर खींची गई और बाद में उसी तस्वीर के जरिए उस पर मतांतरण का दबाव बनाया गया। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है।
गुजैनी मामले में जालौन के रहने वाले चालक सोनू करीब दो साल से पत्नी रीता और बेटे विशाल के साथ कच्ची बस्ती में रह रहे हैं। रीता का आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले कुछ लोग काफी समय से परिवार पर मतांतरण के लिए दबाव बना रहे थे। सोमवार रात घर के पास धार्मिक स्थल बनाने को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि जब परिवार ने इसका विरोध किया और मतांतरण से इन्कार किया तो कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। परिवार ने घर के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। इसके बाद रीता शिकायत लेकर गुजैनी चौकी पहुंचीं।
रीता ने आरोप लगाया कि वहां चौकी प्रभारी राम मनोहर पटेल ने कार्रवाई करने के बजाय उन पर समझौता करने का दबाव बनाया। मामला सामने आने के बाद भाजपा, विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता स्थानीय लोगों के साथ थाने पहुंच गए और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। कुछ लोगों ने थाने का घेराव कर नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए नौबस्ता एसीपी अभिषेक कुमार राहुल मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। पुलिस के मुताबिक, शमीम खान, शीबू, सोहेल खान, फुरकान, फरूख समेत आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपित शीबू को गिरफ्तार कर लिया गया है।
दूसरी ओर, रावतपुर की आदर्शनगर नई बस्ती की बीबीए छात्रा ने आरोप लगाया कि उसके घर के सामने रहने वाली रूबी खान ने उसकी दोस्ती हाफिज तौफीक से कराई थी। छात्रा के मुताबिक, वह तौफीक के साथ दो बार रेस्टोरेंट में चाय पीने गई। आरोप है कि इसी दौरान उसकी एक तस्वीर बुर्का पहनाकर खींच ली गई और बाद में उसी तस्वीर का इस्तेमाल कर उस पर मतांतरण का दबाव बनाया गया। छात्रा ने गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। रावतपुर थाना प्रभारी कमलेश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर दो लोगों को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया है और मामले की जांच की जा रही है।