कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में बहू शालू के जेल जाने के बाद अब पुलिस की जांच बेटे सुब्रत की भूमिका पर भी केंद्रित है। हालांकि, इस मुद्दे पर पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल चुप्पी साध ली है। पहले पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा था कि हत्या में सुब्रत की मूक सहमति की आशंका है। जांच में यह भी सामने आया कि तीन महीने के दौरान सुब्रत और जेल में बंद हत्यारोपी विशाल गौतम के बीच करीब 300 बार बातचीत हुई थी। वहीं, शालू का मोबाइल एक्टिव होने की बात सामने आने के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं।
अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित का दावा है कि शालू के पास एक मोबाइल था, लेकिन वह दो नंबर इस्तेमाल कर रही थीं। उनका आशंका है कि इनमें से किसी एक सिम का इस्तेमाल शालू को फंसाने के लिए किया जा सकता है। वहीं, डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने कहा है कि मामले की विवेचना जारी है और अगर कोई साक्ष्य सामने आता है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब शालू और सुब्रत के बाद विशाल और सुब्रत को भी आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि तीनों के बीच संपर्क और हत्या से जुड़ी कड़ियों को समझा जा सके।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, विशाल के मई से अब तक के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की गई है। करीब एक हजार पन्नों की सीडीआर में सात नंबर पुलिस के लिए खास हैं। इनमें दो नंबर विशाल, दो शालू और तीन नंबर सुब्रत के बताए जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन नंबरों के बीच कब-कब बातचीत हुई और हत्या से पहले व बाद में तीनों के बीच किस तरह संपर्क रहा। पुलिस के अनुसार, विशाल ने हत्या से दो दिन पहले यानी 3 सितंबर को नया सिम इस्तेमाल करना शुरू किया था और 3 से 6 सितंबर के बीच इसी नंबर से शालू और सुब्रत से बातचीत की। गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उसने पुराने नंबर का भी इस्तेमाल किया था।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि विशाल को पहली बार सुब्रत के सामने लाया गया तो उन्होंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया था। पुलिस और अपार्टमेंट से जुड़े लोगों के मुताबिक, दोनों के पहले साथ घूमने और खाना खाने की जानकारी सामने आई है, इसलिए इस बात को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस को विनीत की करीब चार साल पुरानी वसीयत भी मिली है, जिसमें बेटे सुब्रत, बेटी और पत्नी का नाम है, लेकिन बहू शालू का नाम नहीं है। गौरतलब है कि 5 सितंबर की रात रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में 63 वर्षीय विनीत की चाकू से 26 से ज्यादा वार कर हत्या कर दी गई थी। अगले दिन सुबह उनका शव मिला था। सीसीटीवी में पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर को फ्लैट में आते-जाते देखा गया था। दोनों को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था और पूछताछ में उन्होंने शालू के कहने पर हत्या करने की बात कही थी। हालांकि हत्या के पीछे असली वजह और सुब्रत की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।