कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर प्राणी उद्यान में 18 वर्षीय नर बब्बर शेर अजय की बुधवार को मौत हो गई। सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने खून की उल्टियां कीं। हालत गंभीर होने पर चिड़ियाघर के चिकित्सकों की टीम ने करीब तीन घंटे तक उसका इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अजय के निधन से चिड़ियाघर प्रशासन और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है।
चिड़ियाघर प्रशासन के अनुसार सुबह कीपर ने अजय की खराब हालत की सूचना दी थी। इलाज के दौरान वह कुछ देर के लिए अपने पैरों पर खड़ा हुआ, लेकिन फिर अचानक गिर पड़ा और लगातार दहाड़ने लगा। करीब 11 बजे उसने अंतिम सांस ली। इसके बाद तीन डॉक्टरों की टीम ने उसका पोस्टमार्टम किया, जिसमें मौत की वजह का खुलासा हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अजय के फेफड़े के बाएं हिस्से में लगभग 100 ग्राम का ट्यूमर मिला। चिकित्सकों के मुताबिक ट्यूमर फटने से फेफड़ों में अत्यधिक रक्तस्राव हुआ, जिससे हृदय ने काम करना बंद कर दिया और उसकी मौत हो गई। जांच के बाद उसके शव को चिड़ियाघर परिसर में ही दफना दिया गया। अजय की मौत के बाद अब बब्बर शेरों के कुनबे में नंदिनी, उमा और शंकर ही शेष बचे हैं।
अजय और नंदिनी की जोड़ी को वर्ष 2016 में रायपुर से कानपुर चिड़ियाघर लाया गया था। दोनों ने चिड़ियाघर में बब्बर शेरों के सफल प्रजनन में अहम भूमिका निभाई और कई शावकों को जन्म दिया। उनकी वजह से कानपुर चिड़ियाघर को बब्बर शेरों के सफल प्रजनन केंद्र के रूप में पहचान मिली थी।