कानपुर न्यूज डेस्क: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव ने नौकरी की दुनिया को बदलना शुरू कर दिया है। खासकर एंट्री-लेवल नौकरियों में AI की बढ़ती भूमिका और टेक्नोलॉजी व मैनेजमेंट के बीच की दूरी कम होने से Gen Z अब करियर चुनते समय केवल रुचि नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों और नौकरी के अवसरों को भी ध्यान में रख रही है। यही बदलाव IIT जोधपुर और IIT कानपुर के दो नए कार्यक्रमों में साफ दिखाई देता है।
IIT जोधपुर का नया BS इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी
IIT जोधपुर ने BS इन मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ऐसे प्रोफेशनल तैयार करना है जो टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट दोनों की अच्छी समझ रखते हों। संस्थान के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल के अनुसार, आज नौकरी के लिए जरूरी कौशल पहले की तुलना में कहीं तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में सिर्फ एक विषय की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी समझ और प्रबंधन कौशल का साथ होना भी जरूरी बन गया है।
संस्थान के मुताबिक, इस कोर्स में रुचि दिखाने वाले छात्र सामान्य जानकारी से ज्यादा इंटर्नशिप, प्लेसमेंट और संभावित सैलरी जैसे व्यावहारिक पहलुओं पर सवाल पूछ रहे हैं। इससे साफ है कि आज की युवा पीढ़ी करियर को लेकर पहले से ज्यादा व्यावहारिक और दूरदर्शी सोच रखती है।
इस कोर्स के लिए आवेदन करने वालों में अलग-अलग पृष्ठभूमि के छात्र शामिल हैं। कोई इंजीनियरिंग के साथ मैनेजमेंट स्किल्स विकसित करना चाहता है, तो कोई समाजशास्त्र की पढ़ाई के साथ टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट को जोड़कर नया करियर बनाना चाहता है। वहीं, कुछ छात्र अपने पारिवारिक कारोबार को आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने के लिए इस डिग्री को उपयोगी मान रहे हैं।
IIT कानपुर का AI और मशीन लर्निंग सर्टिफिकेट कोर्स
इसी दिशा में IIT कानपुर ने एडवांस्ड डेटा साइंस एंड मशीन लर्निंग फॉर बिजनेस एनालिटिक्स नाम से छह महीने का ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किया है। यह कोर्स 3 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा और खास तौर पर उन कामकाजी प्रोफेशनल्स के लिए तैयार किया गया है जो AI, मशीन लर्निंग और बिजनेस एनालिटिक्स में अपने कौशल को मजबूत करना चाहते हैं।
कोर्स में Python, R, डेटा विज़ुअलाइज़ेशन, मशीन लर्निंग और जनरेटिव AI जैसी तकनीकों की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. अभिनव त्रिपाठी का कहना है कि आज सिर्फ अपने क्षेत्र का ज्ञान काफी नहीं है। AI और डेटा आधारित तकनीकों की समझ ही प्रोफेशनल्स को बेहतर फैसले लेने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाएगी।
बदल रही है Gen Z की करियर सोच
IIT जोधपुर और IIT कानपुर के ये दोनों कार्यक्रम इस बात का संकेत हैं कि नई पीढ़ी अब केवल बिजनेस या टेक्नोलॉजी में से किसी एक को नहीं चुन रही, बल्कि दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहती है। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) भी बहुविषयक शिक्षा और लचीले सीखने के मॉडल को बढ़ावा देती है। ऐसे में यह साफ है कि Gen Z अब ऐसे कौशल विकसित करना चाहती है जो बदलती तकनीक और भविष्य की नौकरियों के बीच भी उसे प्रतिस्पर्धी बनाए रखें।