कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर पुलिस ने शादी के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए उसे शादी का झांसा देकर करीब चार लाख रुपये ठग लिए गए। युवक को लगातार यह भरोसा दिलाया गया कि उसकी शादी जल्द तय होने वाली है, लेकिन हर चरण में उससे अलग-अलग शुल्क वसूले जाते रहे। शिकायत के बाद पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित कर मामले की पड़ताल शुरू की।
जांच में सामने आया कि गिरोह का मकसद शादी कराना नहीं बल्कि शादी का सपना बेचकर लोगों को ठगना था। आरोपी सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म से विवाह के इच्छुक युवकों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद कॉल सेंटर से महिलाएं खुद को मैरिज काउंसलर बताकर संपर्क करती थीं और आकर्षक रिश्तों का प्रस्ताव देती थीं। भरोसा जीतने के लिए युवकों को कथित दुल्हनों की तस्वीरें और प्रोफाइल भेजी जाती थीं।
पुलिस के अनुसार गिरोह इंटरनेट से महिलाओं की तस्वीरें डाउनलोड कर एआई और एडिटिंग टूल्स की मदद से नकली प्रोफाइल तैयार करता था। किसी को डॉक्टर, किसी को इंजीनियर तो किसी को बड़े कारोबारी परिवार की बेटी बताकर पेश किया जाता था। एक बार भरोसा बनने के बाद प्रोफाइल एक्टिवेशन, प्रीमियम सदस्यता, दस्तावेज सत्यापन और रिश्ता पक्का कराने जैसे बहानों से लगातार पैसे वसूले जाते थे। कई पीड़ितों से लाखों रुपये ऐंठे गए, लेकिन शादी की प्रक्रिया कभी आगे नहीं बढ़ी।
पुलिस ने तीन स्थानों पर छापेमारी कर मुख्य आरोपी रंजीत कुमार को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन, कंप्यूटर, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, क्यूआर कोड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद हुए हैं। जांच में एक अधिवक्ता समेत अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क ने पिछले एक वर्ष में बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाया है और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।