कानपुर न्यूज डेस्क: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश महामंत्री व क्षेत्रीय प्रभारी शंकर लाल लोधी के स्वागत समारोह के दौरान मंच पर कुर्सी पर बैठने को लेकर पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता और जिला सह-मीडिया प्रभारी डॉ. विनय सिंह राठौर के बीच हुई हाथापाई का मामला अब तूल पकड़ चुका है। घटना के बाद पीड़ित पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए करीब पांच घंटे तक कानपुर के हनुमंत विहार थाने के बाहर अपने समर्थकों के साथ डटे रहे। उन्होंने दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह पर पुलिस पर दबाव बनाकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होने देने का गंभीर आरोप लगाया है।
हालांकि, जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने इन आरोपों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्होंने पुलिस को ऐसा कोई फोन नहीं किया और संगठन स्तर पर बातचीत के जरिए विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव सिंह के अनुसार, मामले में लिखित तहरीर मिलने और वायरल वीडियो की जांच के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस सार्वजनिक विवाद का संज्ञान अब पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने भी ले लिया है। मामला प्रदेश मुख्यालय पहुंचने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसके अलावा भाजपा कानपुर बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर साहू ने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में इस तरह की अनुशासनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदेश अनुशासन समिति दोनों पदाधिकारियों को नोटिस जारी कर जांच के आधार पर कार्रवाई करेगी।
प्रकरण के प्रमुख बिंदु
विवाद का कारण: स्वागत समारोह के दौरान मंच पर कुर्सी पर बैठने को लेकर दो पदाधिकारियों के बीच मारपीट।
पीड़ित का आरोप: पूर्व जिला मंत्री शिवपूजन सविता का आरोप कि उनके साथ मारपीट हुई और जिलाध्यक्ष के दबाव में पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की।
प्रशासनिक स्थिति: हनुमंत विहार थाना पुलिस ने मेडिकल कराया है और वीडियो फुटेज की जांच जारी है।
संगठनात्मक कार्रवाई: प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रिपोर्ट मांगी है; प्रदेश अनुशासन समिति दोनों पक्षों को नोटिस जारी करेगी।