कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मामूली बाइक टक्कर के बाद हुए खूनी विवाद ने कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौबस्ता इलाके में रविवार रात करीब 8 बजे बाइक की हल्की रगड़ लगने पर तीन युवकों ने पिता और बेटे की चाकू मारकर हत्या कर दी, जबकि एक अन्य बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना बीच सड़क पर हुई, लेकिन हमले के दौरान कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया।
मृतकों की पहचान शिवनारायण द्विवेदी और उनके बेटे शिवम द्विवेदी के रूप में हुई है। घायल सत्यम द्विवेदी ने बताया कि वह अपने पिता और भाई के साथ एक बाइक पर घर लौट रहे थे। तभी पीछे से आ रही अपाचे बाइक से उनकी बाइक टकरा गई। सत्यम के अनुसार उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि “भैया, जरा धीरे चलाया करो”, लेकिन इस बात पर बाइक सवार तीन युवक भड़क गए। आरोपियों ने उनकी बाइक रोक ली और हेलमेट व चाकू से हमला कर दिया।
घटना के बाद घायल सत्यम अपने पिता और भाई को लेकर पास के दो निजी नर्सिंग होम पहुंचा, लेकिन वहां भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। सत्यम के मुताबिक उसने डॉक्टरों से खून रोकने की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाने को कहा गया। बाद में वह दोनों को हैलट अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने शिवनारायण और शिवम को मृत घोषित कर दिया। सत्यम का इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल अस्पताल पहुंचे और घायल सत्यम से बातचीत की। जांच में सामने आया कि आरोपी शिवा वर्मा, करन वर्मा और उत्सव अवस्थी घटना में शामिल थे। पुलिस ने शिवा वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं मृतक शिवम की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनके पति और बेटे की कोई दुश्मनी नहीं थी और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।