कानपुर न्यूज डेस्क: चिड़ियाघर में चार काले हिरणों की मौत के बाद बाकी हिरणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हीमो प्रोटोजोवा परजीवी संक्रमण की आशंका के चलते 25 काले हिरणों को दवा दी गई है और उन्हें इंजेक्शन भी लगाए गए हैं। कुछ अन्य हिरण सुस्त नजर आ रहे हैं, जिसके बाद उनमें भी संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। इन हिरणों के खून के नमूने लेकर जांच कराई जा रही है।
चिड़ियाघर में संकटग्रस्त श्रेणी में आने वाले कुल 87 काले हिरण थे। पिछले महीने से इनकी मौत का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद मृत हिरणों का विसरा जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) भेजा गया। चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल ने बताया कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हिरणों को दवा देने के साथ जरूरी इंजेक्शन भी लगाए जा रहे हैं।
बताया गया है कि हीमो प्रोटोजोवा परजीवी संक्रमण एक बड़ी मक्खी के काटने से फैल सकता है। मक्खी के जरिए परजीवी जानवर के शरीर में पहुंच जाता है और उसकी रक्त कोशिकाओं व प्लाज्मा को नुकसान पहुंचाता है। संक्रमण की वजह से जानवरों में खून की कमी और पीलिया जैसी समस्या भी हो सकती है। इसी वजह से चिड़ियाघर प्रशासन प्रभावित और संदिग्ध हिरणों की लगातार निगरानी कर रहा है।
काले हिरणों के लिए चिड़ियाघर में पहले भी गंभीर स्थिति सामने आ चुकी है। साल 2013 में कुत्तों ने बाड़े में घुसकर काले हिरणों पर हमला कर दिया था, जिसमें 31 हिरणों की मौत हो गई थी। अब चार हिरणों की मौत के बाद प्रशासन बाकी हिरणों को संक्रमण से बचाने के लिए जांच और इलाज पर ध्यान दे रहा है।