कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात और कानपुर नगर के सीमावर्ती बिल्हौर तहसील अंतर्गत नानामऊ स्थित गंगा तट पर जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से गंगा नदी के उफान पर होने के कारण तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की चिंताएं और बाढ़ का खतरा दोनों काफी बढ़ गए हैं।
इस स्थिति से जुड़े मुख्य विवरण नीचे दिए गए हैं:
घाट की 10 सीढ़ियां जलमग्न: गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर नानामऊ घाट पर साफ देखा जा सकता है, जहां अब तक करीब 10 सीढ़ियां पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं। नदी का दायरा चौड़ा होने और तेज उफान के कारण घाट का पूरा दृश्य बदल गया है।
जलकुंभी का अंबार और श्रद्धालुओं की परेशानी: पानी के तेज बहाव के साथ बड़ी मात्रा में जलकुंभी बहकर आ रही है, जो घाटों के किनारे जमा हो गई है। जलस्तर बढ़ने और जलकुंभी के जमाव के कारण गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कटान और फसलों के नुकसान का खतरा: नदी की रफ्तार और पानी के फैलाव को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को डर है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो जल्द ही तटीय इलाकों में कटान शुरू हो जाएगी और पानी रिहायशी इलाकों के साथ-साथ खेतों में खड़ी फसलों को भी अपनी चपेट में ले लेगा।
प्रशासन अलर्ट पर: हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग हरकत में आ गए हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि बाढ़ या किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।