कानपुर न्यूज डेस्क: भारत में लाखों परिवारों के लिए आईआईटी सिर्फ एक कॉलेज नहीं, बल्कि एक बड़ा सपना होता है। कई बच्चों की तैयारी 9वीं क्लास से ही शुरू हो जाती है। रात-रात भर पढ़ाई, कोचिंग और परिवार की मेहनत के बाद जब आईआईटी में एडमिशन मिलता है, तो इसे एक बड़ी कामयाबी माना जाता है।
आईआईटी से पढ़ाई करने वाले लोगों को आमतौर पर करियर में बेहतर मौके मिलने की उम्मीद रहती है। अच्छी नौकरी, बड़ी कंपनियां और विदेश में बसने के विकल्प उनके सामने होते हैं। ऐसे में कई लोग विदेश जाकर अपना करियर बनाने का फैसला करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अलग रास्ता चुनकर देश में ही रहकर काम करना पसंद करते हैं।
ऐसे ही लोगों में नितिन गुप्ता का नाम शामिल है। उन्होंने साल 2000 में आईआईटी-जेईई में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की थी। इतनी बड़ी रैंक के बाद उनके सामने करियर के कई रास्ते खुले, लेकिन उन्होंने एक अलग क्षेत्र को चुना और आज प्रोफेसर के तौर पर रिसर्च कर रहे हैं।
दिलचस्प बात यह है कि नितिन गुप्ता की रिसर्च किसी आम विषय पर नहीं, बल्कि मच्छरों के दिमाग पर है। वह मच्छरों के ब्रेन और उससे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर शोध कर रहे हैं। आईआईटी-जेईई में टॉप करने के बाद एक प्रतिष्ठित करियर की राह चुनने के बजाय रिसर्च को अपना काम बनाना उनकी कहानी को अलग बनाता है।