कानपुर न्यूज डेस्क: श्रावण के मौके पर रविवार को आईआईटी कानपुर के छात्रों, प्रोफेसरों और संस्थान से जुड़े लोगों ने विशेष कांवड़ यात्रा निकाली। सभी ने सरसैया घाट से गंगाजल लेकर परमट स्थित आनंदेश्वर महादेव मंदिर तक पैदल यात्रा की और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस पहल में छात्रों के साथ संस्थान के कई प्रोफेसर और अन्य सदस्य भी शामिल हुए। प्रोफेसर नचिकेता तिवारी ने छात्रों की पहल की सराहना करते हुए इसे आने वाले वर्षों में और बड़े स्तर पर आयोजित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में इस कांवड़ यात्रा को सिर्फ धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए जल संरक्षण और पानी के महत्व को लेकर जागरूकता अभियान से भी जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम में प्रोफेसर अखिलेश विरमानी, नचिकेता तिवारी, अदिति सक्सेना, आयुषी ओझा समेत कई छात्र शामिल हुए। छात्र शिवम त्रिवेदी ने कहा कि आईआईटी के युवाओं का कांवड़ यात्रा में शामिल होना आज की युवा पीढ़ी की एक अलग तस्वीर दिखाता है।
शिवम ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा को सिर्फ सोशल मीडिया और तकनीक से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। युवा आधुनिक तकनीक और नए प्रयोगों के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक परंपराओं, धार्मिक विरासत, गंगा और सामाजिक जिम्मेदारियों से भी जुड़े रह सकते हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा को आस्था के साथ अनुशासन, सेवा और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी से जुड़ी पहल बताया।
यात्रा के दौरान अवध बिहारी मिश्रा ने छात्रों को गंगा के सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय महत्व के बारे में जानकारी दी। छात्र पूरे अनुशासन के साथ सरसैया घाट से आनंदेश्वर महादेव मंदिर तक कांवड़ लेकर पहुंचे और रास्ते में ‘बोल बम’ के जयकारे गूंजते रहे। जलाभिषेक के बाद महंत बाल योगी अरुण पुरी चैतन्य जी महाराज ने छात्रों को आशीर्वाद दिया और उनकी भागीदारी की सराहना की। कार्यक्रम का समापन पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक जयकारों के साथ हुआ।