कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के चिड़ियाघर में जन्मा 12 साल का दरियाई घोड़ा सतीश अब इंदौर में रहेगा। मंगलवार को उसे कमला नेहरू जूलॉजिकल पार्क भेजने की प्रक्रिया पूरी की गई। इस बदलाव के तहत सतीश अपने माता-पिता ब्रह्मा और इंद्रा से करीब 700 किलोमीटर दूर हो जाएगा। दरअसल, वन्यजीवों के आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों के बीच जानवरों की अदला-बदली की जा रही है। इसी कड़ी में सोमवार को इंदौर से शेरनी बिजली को कानपुर लाया गया था।
मंगलवार दोपहर 3:30 बजे डॉक्टरों और चिड़ियाघर की टीम की देखरेख में सतीश को एक खास कंटेनर में रखा गया। इसके बाद क्रेन की मदद से कंटेनर को ट्रांसपोर्ट वाहन पर चढ़ाया गया। इस काम में करीब तीन घंटे लगे। सतीश को रवाना करने के दौरान कानपुर जू के कर्मचारियों के साथ इंदौर से आई मेडिकल और जू की टीम भी मौजूद रही।
कानपुर जू के डॉक्टर नासिर ने बताया कि सतीश का वजन करीब एक टन है और उसका जन्म साल 2014 में इसी चिड़ियाघर में हुआ था। लंबी दूरी तय करते समय उसकी सेहत पर कोई असर न पड़े, इसके लिए खास इंतजाम किए गए हैं। इंदौर की टीम को भी उसके खानपान और देखभाल से जुड़ी जरूरी बातें समझाई गई हैं।
सफर में दो लोग रखेंगे खास ध्यान
सतीश को इंदौर ले जाते समय उसके शरीर को पानी से गीला रखने की व्यवस्था की गई है। डॉक्टर नासिर के मुताबिक, दो लोग सफर के दौरान नियमित अंतराल पर उसके शरीर पर पानी डालेंगे। इसके साथ ही उसके खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया है, ताकि लंबी यात्रा के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी न हो।
13 से 14 घंटे का होगा सफर
सतीश को कानपुर से इंदौर पहुंचने में करीब 13 से 14 घंटे लगने का अनुमान है। इस दौरान उसे 700 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करनी होगी। पूरे रास्ते उसकी सेहत पर नजर रखी जाएगी और टीम यह सुनिश्चित करेगी कि वह सुरक्षित अपने नए ठिकाने तक पहुंच जाए।