कानपुर न्यूज डेस्क: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद कानपुर प्रशासन हरकत में आ गया है। शहरभर में पुलिस, अग्निशमन विभाग, पीडब्ल्यूडी और कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) की संयुक्त टीमों ने बेसमेंट वाली इमारतों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में व्यापक जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान केडीए ने 22 बेसमेंट सील किए, जबकि अग्निशमन विभाग ने घंटाघर और हरबंशमोहाल क्षेत्र के 18 होटलों को नोटिस जारी किए हैं।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में टीम ने कई होटलों का निरीक्षण किया, जहां गंभीर सुरक्षा खामियां सामने आईं। कई जगह कर्मचारियों को फायर एक्सटिंग्विशर चलाने तक की जानकारी नहीं थी, जबकि कुछ होटल प्रबंधकों के पास आपात स्थिति में अग्निशमन विभाग को संपर्क करने के लिए नंबर तक उपलब्ध नहीं थे। कई इमारतों में संकरे रास्ते, एकमात्र सीढ़ियां और अवरुद्ध निकास मार्ग पाए गए, जो किसी भी आपदा की स्थिति में बड़ा खतरा बन सकते हैं।
जांच के दौरान कुछ होटलों और इमारतों में बेसमेंट का इस्तेमाल गोदाम और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए होता मिला। कहीं प्लास्टिक उत्पादों का भंडारण पाया गया तो कहीं नमकीन कारखाना संचालित होता मिला। कई स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरण या तो खराब मिले या पूरी तरह खाली पाए गए। अधिकारियों ने तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
केडीए ने कर्नलगंज, किदवईनगर और आसपास के इलाकों में विशेष अभियान चलाकर अवैध रूप से उपयोग किए जा रहे बेसमेंट चिन्हित किए। अधिकारियों के अनुसार करीब 54 इमारतों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में व्यापक जांच अभियान जारी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि शहर में फायर सेफ्टी और भवन मानकों की अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।