कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में रियाज की जिंदा जलने से मौत हो गई। वह परिवार के इकलौते कमाने वाले थे और पिछले 11 साल से फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम कर रहे थे। उनकी मौत की खबर सुनकर पत्नी रिजवाना बेसुध हो गईं, जबकि 7 साल की बेटी अलिसा और 11 साल का बेटा जमशेर अब भी अपने पिता के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। हादसे में एक और व्यक्ति की मौत हुई है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो सकी है।
अलिसा ने बताया कि उसके पिता रोज की तरह सुबह फैक्ट्री के लिए निकले थे और कहकर गए थे कि शाम करीब 8 बजे तक घर लौट आएंगे। शाम करीब 7 बजे मां रिजवाना के फोन पर कॉल आई। फोन पर बात करते ही मां अचानक चीख पड़ीं। बच्चों ने पास जाकर पूछा तो वह रोते हुए बोलीं कि अब उनके पापा कभी घर नहीं आएंगे। रात करीब साढ़े 12 बजे परिवार अस्पताल पहुंचा, जहां रियाज का शव रखा था। अलिसा ने बताया कि पिता रोज घर लौटते समय बच्चों के लिए कुछ न कुछ खाने को लेकर आते थे।
जानकारी के मुताबिक, जरिहा गांव के बाहर करीब एक किलोमीटर दूर ओम जेवी आरडी टायर फैक्ट्री है। यहां पुराने टायरों को करीब 200 से 400 डिग्री तापमान पर गर्म करके पायरोलिसिस तेल तैयार किया जाता है। घटना के समय मजदूर टैंक में पुराने टायर डाल रहे थे। अचानक टैंक में आग भड़क गई और ऊपर मौजूद दो मजदूर उसकी चपेट में आ गए। आग इतनी तेज थी कि दोनों लपटों में घिरकर नीचे गिर गए। सूचना मिलते ही माती और भोगनीपुर थाने की पुलिस के साथ दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। तेल में लगी आग पर पानी से तुरंत काबू नहीं पाया जा सका, जिसके बाद फोम का इस्तेमाल किया गया और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई गई।
फैक्ट्री मालिक रमेश चंद्र गुप्ता ने पुलिस को बताया कि मजदूर पहले भी बीड़ी लेकर अंदर जाते थे और उन्हें इसके लिए टोका गया था। उनका दावा है कि घटना के समय भी बीड़ी अंदर ले जाने की वजह से आग भड़की। हालांकि, आग लगने की सही वजह की जांच की जा रही है। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडे, एएसपी आलोक प्रसाद और सीओ संजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसपी के मुताबिक, हादसे में दो लोगों की मौत हुई है और एक मृतक की पहचान अभी बाकी है। टैंक को पानी की बौछार से ठंडा कर स्थिति सामान्य की गई।