कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) के शताब्दी नगर स्थित हिमालय भवन में एक फ्लैट का फर्श अचानक धंसने से परिवार में अफरातफरी मच गई। घटना रात करीब दो बजे की है, जब फ्लैट में रहने वाले वंशवीर गुप्ता और उनके परिवार के सदस्य सो रहे थे। अचानक फर्श का एक हिस्सा करीब दो फीट नीचे चला गया, जिससे बेड एक तरफ झुक गया। घबराए परिवार ने तुरंत फ्लैट से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बाद में अंदर जाकर देखा तो दूसरे कमरे में भी दरारें थीं और फर्श की टाइलें उखड़ी हुई थीं।
फ्लैट के आवंटी और पेशे से अधिवक्ता वंशवीर गुप्ता का आरोप है कि निर्माण की गुणवत्ता में कमी के कारण फर्श के नीचे का बेस खोखला हो गया, जिससे यह हिस्सा धंस गया। उन्होंने बताया कि वह 2024 में इस फ्लैट को खरीदकर अपने माता-पिता के साथ यहां रहने आए थे। भवन का निर्माण 2018 में हुआ था। ऐसे में कुछ ही समय में इस तरह की समस्या सामने आने से उन्हें मरम्मत के खर्च और परिवार की सुरक्षा की चिंता सता रही है। उनका कहना है कि सिर्फ टाइलें बदलने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, बल्कि फर्श के नीचे के बेस की जांच करना जरूरी है।
वंशवीर के मुताबिक, उन्होंने इस मामले की शिकायत केडीए में की थी। शुरुआती स्तर पर समाधान नहीं मिलने पर जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसके बाद केडीए के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। आवंटी का कहना है कि कर्मचारियों ने एक कमरे की मरम्मत कराने की बात कही है, लेकिन फर्श धंसने की असल वजह का पता लगाने के लिए विस्तृत तकनीकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भवन में छत और टंकी से निकलने वाले पानी की निकासी का उचित इंतजाम नहीं है। हालांकि, पानी के रिसाव और फर्श धंसने के बीच संबंध की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
आवंटी ने मांग की है कि केडीए केवल प्रभावित कमरे की मरम्मत तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे भवन की निर्माण गुणवत्ता, फर्श के बेस और जल निकासी व्यवस्था की जांच कराए। उनका कहना है कि अगर जांच में निर्माण संबंधी खामी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए और मरम्मत पर होने वाले खर्च के लिए उचित मुआवजा भी दिया जाए। वंशवीर के पास घटना से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो भी हैं, जिन्हें वह साक्ष्य के तौर पर पेश करना चाहते हैं। फिलहाल, केडीए की ओर से विस्तृत तकनीकी जांच, मरम्मत की समयसीमा और मुआवजे को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।