कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने नगर निगम के नाला सफाई अभियान की हकीकत उजागर कर दी। देर रात से शुक्रवार तड़के तक हुई करीब 99.9 मिमी बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में भीषण जलभराव हो गया। स्वरूप नगर, पी-रोड, वीआईपी रोड, पांडव नगर, गोविंद नगर समेत दक्षिण और पूर्वी कानपुर के कई हिस्सों में सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जलभराव के कारण सुबह स्कूल, कॉलेज और कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि पैदल चलने वालों को घुटनों तक भरे पानी से होकर गुजरना पड़ा। लोगों ने बारिश के बाद नगर निगम की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए नाला सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
बारिश के चलते शहर में यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई। स्वरूप नगर, लाजपत नगर और अन्य प्रमुख मार्गों पर घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे वाहन रेंगते नजर आए। मरियमपुर अस्पताल के सामने, शास्त्री नगर, शारदा नगर और पांडव नगर जैसे इलाकों में भी जलभराव के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक असर दक्षिण और पूर्वी कानपुर में देखने को मिला। किदवई नगर, गोविंद नगर, नौबस्ता, चकेरी, जाजमऊ, बर्रा, यशोदा नगर, जूही और बाबूपुरवा सहित कई क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं। कई कॉलोनियों में नालियों का गंदा पानी घरों के बाहर तक पहुंच गया, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।