कानपुर न्यूज डेस्क: उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर मरम्मत का काम करना पड़ा है। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को सड़क के खराब हिस्से को काटकर दोबारा बनाया गया। मरम्मत के दौरान अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों की टीम मौके पर मौजूद रही।
यह काम कानपुर से लखनऊ जाने वाली लेन पर, लखनऊ से करीब 22 किलोमीटर पहले किया गया। प्रभावित हिस्से की पुरानी सतह हटाकर नई परत बिछाई गई, ताकि वाहनों की आवाजाही सुरक्षित और सुचारु बनी रहे।
यह पहली बार नहीं है जब एक्सप्रेसवे पर मरम्मत करनी पड़ी हो। उद्घाटन के बाद से ही कुछ स्थानों पर सड़क की सतह खराब होने और फिसलन की शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद कई जगह सुधार कार्य कराया गया।
इस मामले पर एनएचएआई (राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने कहा कि यह प्रिवेंटिव मेंटेनेंस यानी निवारक रखरखाव का हिस्सा है, जो नियमित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) गतिविधियों के तहत किया जाता है। प्राधिकरण के अनुसार, एक्सप्रेसवे 15 साल की डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (DLP) के तहत है, इसलिए इस अवधि में किसी भी खराबी को ठीक करने की जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की है।
पिछले सप्ताह भी उन्नाव जिले के अचलगंज क्षेत्र में किलोमीटर 63-64 के पास बारिश के कारण एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंस गया था। इसके बाद एनएचएआई ने तुरंत मरम्मत कराकर यातायात बहाल कराया था।
सड़क धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था और इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस परियोजना बताया गया था।
एनएचएआई ने बताया कि किलोमीटर 64 के पास मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है और प्रभावित हिस्से पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।