कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में 27 अगस्त को हुए विमान हादसे की शुरुआती जांच में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने पाया है कि गर्ग एविएशन ने फ्लाइट डेटा मॉनिटरिंग से जुड़ी जरूरी प्रक्रिया पूरी तरह फॉलो नहीं की थी। इस हादसे में एक 39 साल के इंस्ट्रक्टर और 28 साल के ट्रेनी पायलट की मौत हो गई थी। हादसे के बाद जारी सात पेज की प्रारंभिक रिपोर्ट में DGCA को फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के लिए फ्लाइट डेटा की निगरानी को लेकर ज्यादा साफ गाइडलाइंस बनाने की सिफारिश भी की गई है।
टेकनम P2006T ट्विन इंजन विमान ने 27 अगस्त को करीब 11:11 बजे कानपुर सिविल एयरोड्रोम से उड़ान भरी थी। करीब 14 मिनट बाद पायलट की तरफ से रेडियो पर बताया गया कि सब कुछ सामान्य है और 10 मिनट बाद दोबारा संपर्क किया जाएगा, लेकिन इसके बाद विमान से कोई और संपर्क नहीं हो सका। AAIB के मुताबिक, कंट्रोलर ने कई बार VT-NBV से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। विमान ने हादसे से पहले कोई डिस्टेस कॉल भी नहीं की थी और बाद में यह गंगा बैराज इलाके में क्रैश मिला।
जांच में यह भी सामने आया कि गर्ग एविएशन ने AAIB को बताया था कि वह विमान के गार्मिन सिस्टम के डेटा की रैंडम चेकिंग करता था। हालांकि, कंपनी इस मॉनिटरिंग का कोई रिकॉर्ड जांच टीम को नहीं दे सकी। इसके अलावा फ्लाइट डेटा मॉनिटरिंग कैसे होगी और किस तरह की गड़बड़ी या तय सीमा से ज्यादा बदलाव मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी, इसे लेकर भी कोई SOP मौजूद नहीं था। AAIB ने इसी वजह से फ्लाइट डेटा मॉनिटरिंग को लेकर सख्ती की जरूरत बताई है और DGCA से कहा है कि इस प्रक्रिया के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और उन्हें ट्रेनिंग एंड प्रोसीजर मैनुअल यानी TPM का हिस्सा बनाया जाए।
हादसे के बाद विमान का गार्मिन डेटा कार्ड बरामद कर लिया गया है और उसमें मौजूद जानकारी को जांच के लिए डाउनलोड किया गया है। दोनों इंजन भी बरामद कर सुरक्षित रखे गए हैं, जिनकी अब विस्तृत जांच की जाएगी। इस जांच में इटली की ANSV और अमेरिका के नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के प्रतिनिधि भी शामिल हैं, जबकि विमान निर्माता टेकनम ने तकनीकी सलाहकार उपलब्ध कराया है। AAIB ने DGCA से विमान और उसके क्रू से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने 112 पर दी थी, जिसके बाद पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।