कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा लू (हीट वेव) की प्रचंड चपेट में है, जिससे पूरी कानून नगरी त्रस्त हो चुकी है। आसमान से बरसती आग का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगातार दूसरे दिन कानपुर का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर पर दर्ज किया गया। स्थिति यह है कि सुबह आठ बजे से ही तीखी धूप लोगों को झुलसाने लगती है और 11 बजते-बजते चलने वाली गर्म पछुआ हवाएं लोगों का घरों से निकलना दूभर कर रही हैं।
इस जानलेवा और तपती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम उठाए हैं। कानपुर के जिलाधिकारी (DM) जितेंद्र प्रताप सिंह ने कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में 28 मई तक के लिए ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले छोटे बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 8 तक के स्कूलों में 30 मई तक के लिए पहले ही छुट्टियां घोषित की जा चुकी हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कानपुर पर इस समय 'सुपर अलनीनो' का साफ असर देखा जा रहा है, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बने रहने की आशंका है। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) के मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने सचेत किया है कि अरब सागर में बन रहे नए वेदर सिस्टम के कारण इस बार मानसून भी प्रभावित हो सकता है, जिससे राज्य में बारिश की एंट्री देरी से होने की संभावना है। वर्तमान में कानपुर को भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा 'रेड जोन' में रखा गया है, जहां न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक यानी 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है।
इस भीषण तपन और उमस का सीधा असर अब शहर की रफ्तार पर दिखने लगा है। दोपहर के समय चलने वाले गर्म थपेड़ों के कारण शहर के प्रमुख बाजारों, सड़कों और यहां तक कि अमूमन व्यस्त रहने वाले गंगा घाटों पर भी पूरी तरह सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है। हालांकि, कुछ लोग गर्मी से फौरी राहत पाने के लिए गंगा में डुबकी लगाते जरूर दिखे। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 24 मई तक लू का यह जानलेवा प्रकोप ऐसे ही जारी रहेगा, जिसे देखते हुए प्रशासन ने आम जनता को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घरों में रहने और लगातार पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।