कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के फीलखाना क्षेत्र में व्यापारी मनीष गुप्ता हत्याकांड ने नया मोड़ ले लिया है। मामले में गिरफ्तार पत्नी निहारिका गुप्ता को जेल भेजा जा चुका है, लेकिन परिजनों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने अभी तक घर में मौजूद उसका मोबाइल फोन कब्जे में नहीं लिया है। उनका कहना है कि मोबाइल की जांच से कथित प्रेम संबंधों और बातचीत से जुड़े अहम साक्ष्य सामने आ सकते हैं।
मृतक के पिता रामकिशोर गुप्ता का आरोप है कि निहारिका लंबे समय से एक युवक से फोन पर बातचीत करती थी, जिसे लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। परिजनों का दावा है कि इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और निहारिका ने अपने पति पर चाकू से हमला कर दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के आधार पर जांच की जा रही है और जल्द ही मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, 5 जून को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल मनीष गुप्ता की 16 जून को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद मामले में हत्या की धाराएं जोड़ी गईं। जांच एजेंसियां घटना के पीछे की परिस्थितियों, आपसी विवाद और कथित रिश्तों के पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू छह वर्षीय बेटे विष्णु है, जिसने कथित तौर पर अपने माता-पिता के बीच हुई पूरी घटना देखी। मनीष के माता-पिता अब अपने पोते के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि बेटे की मौत और बहू के जेल जाने के बाद मासूम बच्चे का जीवन सबसे अधिक प्रभावित हुआ है।