कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर की एक महिला उस समय हैरान रह गई, जब करीब 17 साल बाद अपना एसबीआई बैंक लॉकर खोलने पहुंची और उसे पूरी तरह खाली पाया। महिला का दावा है कि उसने साल 2003 में लॉकर नंबर 23 में करीब 50 लाख रुपये के सोने के गहने और दूसरी कीमती चीजें रखी थीं। मामला सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए सामने आया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।
जानकारी के मुताबिक, महिला के पति की मौत के बाद वह अपनी बेटी के साथ रहने लगी थीं। जुलाई 2026 में उन्होंने एसबीआई की संबंधित शाखा में जाकर अपना लॉकर चेक करने का फैसला किया। आरोप है कि शुरुआत में लॉकर मैनेजर ने महिला से कहा कि उनके नाम पर शाखा में कोई लॉकर है ही नहीं।
कुछ दिन बाद बैंक में लॉकर नंबर 23 मिलने की बात सामने आई। लेकिन जब महिला ने लॉकर खोला तो उसमें कोई सामान नहीं था। महिला के मुताबिक, लॉकर में उनकी शादी के गहने और परिवार का सोना रखा था, जिसकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये थी।
2020 में दो बार खोला गया था लॉकर
मामले में सबसे बड़ा सवाल बैंक के रिकॉर्ड को लेकर उठ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के मुताबिक, बैंक रिकॉर्ड में लॉकर नंबर 23 को 2020 में दो बार एक्सेस किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इसे किसने खोला था और लॉकर से सामान कब गायब हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
पोस्ट में दावा किया गया है कि कानपुर के स्वरूप नगर थाने में पुलिस ने बैंक शाखा प्रबंधक और कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस फिलहाल लॉकर से सामान गायब होने और उसके इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
SBI ने भी मांगी मामले की जानकारी
मामले की जानकारी सामने आने के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने कथित तौर पर ईमेल के जरिए संबंधित अधिकारियों से मामले की जानकारी मांगी है। बैंक की ओर से आरोपों की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकर को 2020 में किसने खोला था, उसमें रखे सामान का क्या हुआ और बैंक रिकॉर्ड में लॉकर के संचालन से जुड़ी जानकारी कितनी सही है।
सोशल मीडिया पर उठे बैंक लॉकर की सुरक्षा पर सवाल
घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बैंक लॉकर की सुरक्षा को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर लॉकर में कीमती सामान रखा है तो ग्राहकों को समय-समय पर उसे चेक करते रहना चाहिए।
कुछ लोगों ने लॉकर में बैंक और ग्राहक की अलग-अलग चाबियों की व्यवस्था का हवाला देते हुए सवाल किया कि अगर दोनों चाबियों की जरूरत होती है तो लॉकर बिना ग्राहक की जानकारी के कैसे खोला गया।
हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए इन दावों और टिप्पणियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लॉकर किस परिस्थिति में खोला गया और उसमें रखा सामान कैसे गायब हुआ।