कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर के गोविंद नगर में 28 सितंबर की शाम घर के पास ट्यूशन पढ़ाने गई 23 वर्षीय रुचि पाल चार दिन बाद रेलवे ट्रैक किनारे मृत मिली। शुक्रवार दोपहर पुलिस को ट्रैक के पास युवती का शव पड़े होने की सूचना मिली, जिसके बाद परिजनों को मौके पर बुलाया गया। शव देखते ही परिवार ने रुचि की पहचान कर ली। बेटी की मौत की खबर मिलते ही घर में मातम छा गया। परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताई है।
रुचि के पिता विमल पाल प्राइवेट नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी 28 सितंबर को शाम करीब 6 बजे घर के पास ट्यूशन पढ़ाने गई थी, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटी। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार ने पहले रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की। मोबाइल और दूसरे तरीकों से भी उसका पता लगाने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
परिवार का आरोप है कि रुचि के लापता होने की सूचना देने के बाद भी पुलिस ने तुरंत उसकी तलाश शुरू नहीं की। परिजनों के मुताबिक, करीब दो दिन बाद उसकी गुमशुदगी दर्ज की गई। परिवार ने अपने स्तर पर आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी, लेकिन रुचि के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। शुक्रवार को रेलवे ट्रैक किनारे शव मिलने के बाद फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रुचि रेलवे ट्रैक तक कैसे पहुंची और उसकी मौत किन हालात में हुई। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर समय रहते तलाश शुरू होती तो शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। डीसीपी वेस्ट दीपेंद्रनाथ चौधरी ने कहा कि परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच होगी और पुलिस पर लगाए गए लापरवाही के आरोप भी देखे जाएंगे। अगर किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।