कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बर्रा-6 इलाके में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ अभियान चलाया। अधिकारियों के मुताबिक, इस जमीन के एक हिस्से का इस्तेमाल कब्रिस्तान के तौर पर किया जा रहा था। केडीए के ओएसडी सत्य शुक्ला ने बताया कि जांच में कब्रिस्तान का कुछ हिस्सा सरकारी जमीन पर पाया गया, जिसे अतिक्रमण माना गया।
सत्य शुक्ला के अनुसार, कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया गया था। नियमों के तहत सुनवाई के बाद अतिक्रमण हटाने का आदेश जारी किया गया। अधिकारियों का कहना है कि कई महीनों तक संबंधित पक्ष से मौखिक और लिखित तौर पर खुद अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 2,500 से 3,000 वर्ग मीटर सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।
केडीए अधिकारी ने बताया कि संबंधित पक्ष ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट का भी रुख किया था, लेकिन उसकी रिट याचिका खारिज हो गई। इसके बाद ही मौके पर कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी साफ किया कि तोड़फोड़ सिर्फ जमीन के ऊपर बनाए गए प्लेटफॉर्म और ऊंचे निर्माण तक सीमित रही। साइट के अंदरूनी हिस्से को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया गया।
केडीए के मुताबिक बर्रा-6 में सरकारी जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। प्राधिकरण का कहना है कि पहले संबंधित पक्ष को पर्याप्त नोटिस और समय दिया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान केवल अतिक्रमण के दायरे में आने वाले ऊपरी निर्माण हटाए गए हैं।