कानपुर न्यूज डेस्क: लखनऊ और कानपुर के बीच सफर करने वाले लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सप्रेसवे मई में बनकर तैयार हो गया था, लेकिन उद्घाटन का इंतजार किया जा रहा था। इसके शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा पहले से काफी आसान हो जाएगी।
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस छह लेन एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। अभी तक इस दूरी को तय करने में ट्रैफिक के कारण दो से ढाई घंटे तक का समय लग जाता है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, छात्रों, कर्मचारियों और व्यापारियों का समय बचेगा।
एक्सप्रेसवे की शुरुआत लखनऊ के बनी क्षेत्र से होगी और यह कानपुर के नवाबगंज तक जाएगा। सड़क को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है, जिससे वाहन बिना रुकावट तेज गति से चल सकेंगे। बेहतर निर्माण गुणवत्ता के कारण सफर पहले के मुकाबले अधिक आरामदायक रहने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए पूरे एक्सप्रेसवे पर 80 से ज्यादा हाई-डेफिनेशन कैमरे और स्पीड रडार लगाए गए हैं। किसी भी हादसे या आपात स्थिति की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंचेगी। इसके अलावा हेल्पलाइन और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद मिल सके।
एक्सप्रेसवे पर फास्टैग और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट पहचान प्रणाली लागू की गई है। इससे टोल प्लाजा पर लंबी कतारों से राहत मिलेगी और वाहन बिना रुके आगे बढ़ सकेंगे। नियमित यात्रियों के लिए विशेष फास्टैग योजना भी तैयार की गई है।
छोटे वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। तय सीमा से अधिक गति होने पर कैमरों की मदद से चालान किया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से सभी यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।
यात्रियों की सुविधा के लिए एक्सप्रेसवे पर पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, रेस्ट रूम और पार्किंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और व्यावसायिक वाहन चालकों को काफी सहूलियत मिलेगी।
लखनऊ और कानपुर उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक शहर हैं। एक्सप्रेसवे शुरू होने से माल ढुलाई तेज होगी, परिवहन लागत कम होगी और व्यापार, उद्योग, शिक्षा व रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते नए निवेश की संभावनाएं भी बढ़ने की उम्मीद है।