कानपुर न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश से कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। बाढ़ की वजह से 45 से अधिक गांव प्रभावित हुए हैं, जबकि करीब 40 सरकारी स्कूलों में पानी भर गया है।
बिजनौर में तेज बहाव के कारण हाईवे की अप्रोच रोड बह गई, जिससे सड़क पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा हो गया। वहीं फर्रुखाबाद में चित्रकूट डिप के पास पानी भरने के बाद हाईवे पर बैरिकेडिंग कर यातायात रोकना पड़ा।
बुधवार सुबह से वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, नोएडा समेत कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 65 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। लखनऊ, बाराबंकी, वाराणसी और प्रयागराज सहित कई शहरों में दिनभर बादल छाए रहने का अनुमान है।
मंगलवार को भी प्रदेश के 57 शहरों में अच्छी बारिश हुई। सबसे ज्यादा 69.3 मिमी बारिश बांदा में दर्ज की गई, जबकि सुल्तानपुर में 61.7 मिमी वर्षा हुई। मथुरा में अंडरपास में करीब चार फीट पानी भर गया, जिससे कई दोपहिया वाहन डूब गए।
बारिश के कारण कई जगह हादसे भी हुए। शामली में तेज बहाव में एक कार बह गई, जबकि अंडरपास में फंसी एक स्कूल बस को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया। मिर्जापुर में बारिश और आकाशीय बिजली से तीन लोगों की मौत हो गई। इनमें सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो बच्चों की जान चली गई, जबकि बिजली गिरने से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे एक युवक की मौत हो गई।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सक्रिय मानसूनी सिस्टम फिलहाल उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर तेज बारिश होने की संभावना है।