कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कें और नाले कई जगह पहली ही बारिश में धंस गए। शहर के अलग-अलग इलाकों में सड़कें टूटने और नालों के बैठने से लोगों के सामने हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
सबसे गंभीर स्थिति बाकरगंज स्थित जेपी पैलेस के पास देखने को मिली, जहां डॉट नाला धंसने के बाद तेजी से मिट्टी का कटाव शुरू हो गया। खतरे को देखते हुए पूरी इमारत खाली करानी पड़ी। फिलहाल शटरिंग लगाकर स्थिति संभालने की कोशिश की जा रही है।
वहीं, पीरोड में हरासहाय पीजी कॉलेज के सामने सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा बन गया है। इस कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क की हालत और खराब हो गई है और यहां किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
अशोक नगर की 80 फीट रोड पर भी कई दिनों से बना गड्ढा अब विशाल आकार ले चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम ने स्थायी समाधान करने के बजाय केवल पन्नी डालकर औपचारिकता पूरी कर दी। बढ़ते खतरे को देखते हुए आसपास के कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं। इलाके में पोस्ट ऑफिस, सेंट फ्रांसिस स्कूल और एक क्लीनिक के सामने भी गहरे गड्ढे बन गए हैं।
हैरानी की बात यह है कि अशोक नगर के महज आधा किलोमीटर के दायरे में चार जगह सड़कें धंस गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहली ही बारिश में सड़कों और नालों की हालत बिगड़ जाना निर्माण कार्यों में लापरवाही और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने नगर निगम से जल्द स्थायी समाधान और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।