कानपुर न्यूज डेस्क: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर सड़क धंसने की घटना सामने आने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे पर बार-बार सामने आ रही खामियों के चलते एनएचएआई ने कंपनी को दो कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर कंपनी को भविष्य की एनएचएआई परियोजनाओं से ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।
एनएचएआई ने इस मामले में निर्माण से जुड़े तीन इंजीनियरों पर भी कार्रवाई करते हुए उन्हें अगले दो वर्षों तक एनएचएआई की किसी भी परियोजना में काम करने से प्रतिबंधित कर दिया है।
63 किलोमीटर लंबे इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। उद्घाटन के कुछ ही हफ्तों बाद उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र में सड़क धंसने की शिकायत सामने आई। इसके बाद 28 जुलाई और 1 अगस्त को भी इसी इलाके में सड़क की सतह पर नुकसान दर्ज किया गया।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि ताजा नुकसान पुल की संरचना में नहीं, बल्कि उसके एप्रोच एम्बैंकमेंट पर हुआ है। पहले जिस 20 मीटर हिस्से की मरम्मत की गई थी, उसी के पास दोबारा समस्या आने के बाद अब पूरे 250 मीटर हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगले 15 वर्षों तक एक्सप्रेसवे के रखरखाव की जिम्मेदारी पीएनसी इंफ्राटेक की है और इस अवधि में मरम्मत पर केंद्र सरकार कोई खर्च नहीं करेगी।
फिलहाल मरम्मत कार्य के चलते कोरारी टोल प्लाजा के पास यातायात को डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अगले दो दिनों में मरम्मत का काम पूरा होने की उम्मीद है।
तकनीकी जांच के आदेश
बार-बार सड़क क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं को देखते हुए एनएचएआई ने उच्च स्तरीय तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने तक विवेक कुमार गुप्ता, सुरेंद्र कुमार और यतेंद्र कुमार को दो साल के लिए एनएचएआई की सभी परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
जांच समिति यह पता लगाएगी कि सड़क की सतह पर बार-बार आ रही समस्या निर्माण में कमी, डिजाइन की खामी या रखरखाव में लापरवाही की वजह से हुई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर निर्माण कंपनी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
इस पूरे मामले पर पीएनसी इंफ्राटेक के महाप्रबंधक अंगुलुरी सत्यनारायण ने कहा कि केवल 20 मीटर हिस्से के किनारे हल्का धंसाव हुआ था, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे 250 मीटर हिस्से की मरम्मत कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी एनएचएआई के नोटिस का जवाब जल्द सौंपेगी।