कानपुर न्यूज डेस्क: कानपुर स्थित राष्ट्रीय शर्करा संस्थान (एनएसआई) परिसर में बिना अनुमति 722 हरे पेड़ों की कटाई के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। संस्थान की निदेशक डॉ. सीमा परोहा को निलंबित कर दिया गया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। साथ ही संस्थान के निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार शुगर एंड वेजिटेबल ऑयल निदेशालय के निदेशक अरविंद कुमार रावत को सौंपा गया है।
संस्थान के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कमलेश कुमार द्वारा जारी सर्कुलर में अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे कार्यालय संबंधी कार्यों के लिए अब अरविंद कुमार रावत से संपर्क करें। इस मामले में डॉ. सीमा परोहा समेत कई अन्य अधिकारियों के खिलाफ कल्याणपुर थाने में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। वन विभाग ने भी अवैध कटान को लेकर अलग से मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में सामने आया है कि एनएसआई परिसर में 655 बड़े पेड़ और 67 कनेर के पौधों सहित कुल 722 हरे पेड़ों की अवैध कटाई की गई। इनमें नीम, शीशम, यूकेलिप्टस, गूलर, सिरस, गोल्ड मोहर, जंगल जलेबी और अन्य कई प्रजातियों के पेड़ शामिल हैं। वन विभाग के अनुसार परिसर में सैकड़ों ठूंठ मिले हैं, जबकि बड़ी मात्रा में लकड़ियां गायब पाई गईं। आरोप है कि केवल नौ पेड़ों को काटने की अनुमति ली गई थी, लेकिन उसकी आड़ में सैकड़ों पेड़ काट दिए गए।
इस मामले में डॉ. सीमा परोहा, संपदा अधिकारी विनय कुमार, फार्म प्रबंधक अशोक कुमार, निजी सुरक्षा कमांडर उदय प्रताप सिंह राठौर, एक लकड़ी व्यापारी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कर्मचारी संगठनों की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में अवैध कटान और लकड़ी बिक्री के आरोप सामने आए हैं। पुलिस और वन विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।