कानपुर न्यूज डेस्क: बारिश के बाद जिले में आबादी के बीच बने खुले और ओवरफ्लो नाले लोगों के लिए खतरा बन गए हैं। कई बड़े नालों पर चटिया या ढक्कन नहीं लगाए गए हैं। ऐसे में नालों के आसपास खेलने वाले बच्चों के गिरने का डर बना हुआ है। अधिकारियों के निर्देश के बावजूद नालों को ढंकने की कार्रवाई नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रसूलाबाद कस्बे के विकास नगर मोहल्ले में पिछले महीने खुले नाले में गिरने से दो साल के बच्चे की मौत भी हो चुकी है।
बारिश में ओवरफ्लो हो रहे नाले
रसूलाबाद के अलावा नगरीय क्षेत्रों में कई ऐसे नाले हैं, जो अब भी खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी बढ़ने से ये और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं। नालों के आसपास खेलने वाले बच्चों के साथ हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि पहले भी हादसे होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग नालों को ढंकने को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
शिवली में भी कई जगह खुले नाले
नगर पंचायत शिवली में चौबेपुर रोड पर आबादी के बीच वर्षों से खुला पड़ा नाला लोगों के लिए परेशानी बना हुआ है। इसके अलावा देव नगर, साकेत नगर और निराला नगर मोहल्लों में भी खुले नाले हैं। रामपुर-शिवली रोड और कल्यानपुर-शिवली रोड से डूडा कॉलोनी तक बने नाले भी खुले पड़े हैं। वहीं कोतवाली शिवली के पास से जागेश्वर मंदिर और नई पुलिया से नगर पंचायत कार्यालय तक जाने वाले रास्ते पर बने खुले नाले भी हादसे का कारण बन सकते हैं।
मवेशी भी गिर चुके, बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा
बारिश के कारण ओवरफ्लो हो रहे नालों से गंदगी और बदबू फैल रही है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। इन खुले नालों में कई बार अन्ना मवेशी भी गिर चुके हैं, जिन्हें आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों के लिए भी ये नाले लगातार खतरा बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन को जल्द से जल्द सभी खुले नालों को ढंकना चाहिए, क्योंकि लापरवाही किसी भी समय बड़े हादसे में बदल सकती है।