कानपुर न्यूज डेस्क:देश के कई प्रतिष्ठित आईआईटी और एनआईटी संस्थानों के छात्रों को बड़ा झटका लगा है। टेक कंपनी Oracle पर कैंपस प्लेसमेंट और प्री-प्लेसमेंट जॉब ऑफर वापस लेने के आरोप लगे हैं। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी अप्रैल में वैश्विक स्तर पर करीब 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी के बाद बड़े पुनर्गठन से गुजर रही है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले से कई इंजीनियरिंग छात्रों का करियर प्रभावित हुआ है। बड़ी संख्या में छात्र अब प्रोफेशनल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म LinkedIn पर नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर वे छात्र हैं, जिन्हें ‘डे-1’ या ‘जीरो-डे’ कैंपस प्लेसमेंट में नौकरी मिली थी। ऐसे नियमों के कारण वे अन्य कंपनियों के इंटरव्यू में शामिल नहीं हो सके थे।
स्मित जोगानी ने लिंक्डइन पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मंजिल तक पहुंचने से ठीक पहले सब कुछ टूट जाना बेहद मुश्किल होता है, लेकिन वह दोबारा खुद को साबित करने के लिए तैयार हैं। वहीं गौतम राज ने कहा कि ग्रेजुएशन से ठीक पहले ऑफर रद्द होने की खबर उनके लिए सबसे बड़ा झटका थी। उन्होंने बताया कि “वन स्टूडेंट, वन जॉब” नीति के कारण वे दूसरी कंपनियों में आवेदन भी नहीं कर सके।
आईआईटी कानपुर के ही कौशल जैन ने भी सोशल मीडिया के जरिए नई नौकरी के अवसरों की अपील की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर में 50 से ज्यादा छात्र प्रभावित हुए हैं, जबकि National Institute of Technology Warangal समेत कई एनआईटी संस्थानों से भी ऐसे मामले सामने आए हैं।
इससे पहले अप्रैल में Oracle ने दुनिया भर में बड़े स्तर पर छंटनी की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 30 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई थी, जिनमें लगभग 12 हजार कर्मचारी भारत से जुड़े बताए गए। सबसे ज्यादा असर कंपनी के हेल्थकेयर डिवीजन पर पड़ा था।